भारत ने सिंधु जल संधि के मामले में ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ (CoA) के हालिया फैसले को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत ने न सिर्फ इस फैसले को पूरी तरह से खारिज किया है, बल्कि ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ की वैधता को भी मानने से इनकार कर दिया है.
भारत ने कहा है कि उसके संप्रभु फैसलों पर किसी का अधिकार क्षेत्र नहीं है. सोमवार को ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ ने सिंधु जल संधि की स्थिति और अंतरिम उपायों के बारे में एक फैसला सुनाया. भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला जारी रहेगा और इस तथाकथित कोर्ट के फैसलों का भारत की परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह कोर्ट अवैध तरीके से गठित किया गया है और इसका गठन संधि की शर्तों का उल्लंघन है. भारत ने कहा कि वह इस फैसले को नहीं मानता, ठीक वैसे ही जैसे उसने इस तथाकथित अदालत के पहले के किसी भी फैसले को नहीं माना था. विदेश मंत्रालय ने कभी भी इस मध्यस्थता निकाय के कानूनी अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया और न ही इसकी कार्यवाही में भाग लिया.
सिंधु जल संधि को स्थगित का फैसला अभी लागू
भारत के अनुसार, इस तथाकथित ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ को भारत के संप्रभु फैसलों पर निर्णय लेने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. कोर्ट के मौजूदा या भविष्य के फैसलों का भारत की परियोजनाओं से जुड़े कदमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला अभी भी लागू है.
कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला क्या था?
कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने कहा कि सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने या खत्म करने के लिए कोई भी आधार सही नहीं ठहराया जा सकता और भारत को समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी. इसके अलावा, कोर्ट ने भारत को जुलाई 2027 तक RHEP डैम की दीवार और पावर इनटेक स्ट्रक्चर को एक निश्चित लेवल से ऊपर कंक्रीट से बनाने से रोक दिया है. कोर्ट ने यह भी पुष्टि की है कि सिंधु जल संधि पूरी तरह से लागू है.
जानें कब से सिंधु जल संधि पर लगी रोक
दरअसल, 22 अप्रैल, 2026 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला लिया था, जो आज भी लागू है. इसी फैसले के तहत, जम्मू-कश्मीर में सिंधु नदी प्रणाली पर किशनगंगा और रातले जलविद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
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