​लखनऊ में CRPF जवान विनीत कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को परिजनों ने बुद्धेश्वर चौराहे पर रोककर जाम लगा दिया। पत्नी ने जबरन ड्यूटी और शरीर पर तीन गोलियां होने का आरोप लगाते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है।

परिजनों का हंगामा

परिजनों का हंगामा

  • Published: 07 Aug 2026, 10:49 AM IST
  • Last Updated: 07 Aug 2026, 10:49 AM IST

​मणिपुर में तैनात CRPF की 112वीं बटालियन के जवान विनीत कुमार सिंह सिकरवार 37 का पार्थिव शरीर शुक्रवार तड़के विमान से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा था। परिजन शव को लेकर हरदोई स्थित उनके पैतृक गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में बुद्धेश्वर चौराहे के पास परिजनों ने गाड़ी रोक दी और धरने पर बैठ गए। पत्नी नेहा सिंह ने आरोप लगाया कि विनीत को बुखार होने के बावजूद छुट्टी नहीं दी जा रही थी और उनसे जबरन ड्यूटी कराई जा रही थी। इस दौरान करीब दो घंटे तक हाइवे जाम रहा, जिससे भारी यातायात बाधित हुआ।

कोई खुद को 3 गोली कैसे मारेगा ? परिजनों के गंभीर सवाल

प्रदर्शन के दौरान शहीद जवान की पत्नी नेहा सिंह और अन्य परिजनों ने बताया कि उन्हें मौत की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। शुरुआती तौर पर आत्महत्या की बात कही जा रही है, लेकिन परिजनों का तर्क है कि किसी के शरीर पर तीन गोलियां कैसे मिल सकती हैं और कोई खुद को इस तरह कैसे मार सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की जिद पकड़ ली।

​पत्नी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, कमांडेंट को बर्खास्त करने की मांग

पत्नी नेहा सिंह ने रोते हुए बताया कि विनीत पिछले 3-4 दिनों से फोन पर बता रहे थे कि उन्हें तेज बुखार है और पैरों में दर्द है, फिर भी अधिकारियों द्वारा उन्हें आराम नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वह चुप नहीं बैठेंगी और इसके लिए मणिपुर तक लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने जिम्मेदार कमांडेंट को बर्खास्त कराने की मांग करते हुए कहा कि वह किसी के सामने झुकेंगी नहीं।

​पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला जाम

घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी, एसीपी काकोरी सहित पारा और काकोरी थानों की पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद परिजन शांत हुए, जिसके बाद सड़क से शव हटाकर हरदोई के लिए रवाना किया गया।

​पैतृक गांव परवाबाजीराव में पसरा मातम

मूल रूप से हरदोई जिले के कोथावां क्षेत्र की ग्राम पंचायत परवाबाजीराव निवासी दिवंगत देशराज सिंह सिकरवार के सबसे छोटे बेटे विनीत कुमार सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके गांव और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और स्थानीय लोग इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।