Delhi Fraud Case: दिल्ली के गांधी नगर में 'ज़ूडियो' की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 39.53 लाख रुपये की ठगी हो गई है। पुलिस ने इस मामले में साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है।

Delhi Fraud Case

दिल्ली में कारोबारी के साथ धोखाधड़ी।

  • Published: 26 Aug 2026, 06:10 PM IST
  • Last Updated: 26 Aug 2026, 06:11 PM IST

Delhi Fraud Case: दिल्ली के गांधी नगर में कारोबारी के साथ नामी ब्रांड 'ज़ूडियो' की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 39.53 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में  शाहदरा साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। 

जानकारी के मुताबिक,आरोपी की पहचान 23 साल के सोनू चौधरी के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपी को बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिसमें खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अहम डिजिटल सबूत और चैट्स मिले हैं।

कारोबारी के साथ कैसे हुई ठगी ?

शाहदरा DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा का कहना है कि गांधी नगर के रहने वाले सुशांत जैन ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने गूगल पर 'ज़ूडियो' (ट्रेंट-टाटा) की फ्रेंचाइजी लेने के लिए सर्च किया था। इस दौरान वह एक फर्जी वेबसाइट के संपर्क में आ गए। इसके बाद 'राजेश' नामक एक ठग ने खुद को ट्रेंट-टाटा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया।

फ्रेंचाइजी प्रक्रिया और अप्रूवल के नाम पर उन्हें झांसे में लेकर आधिकारिक दिखने वाली फर्जी ईमेल आईडी से इनवॉइस भेजे गए। पीड़ित ने भरोसा करके अपने और अपने पिता के बैंक खातों से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 39,53,200 रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया। 

पहले पुलिस टीम ने जिस अकाउंट में रकम ट्रांसफर हुई थी, उसकी जानकारी निकाली। मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच के बाद टीम ने बिहार के शेखपुरा जिले के मोहसिमपुर गांव में छापेमारी कर आरोपी सोनू चौधरी को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि सोनू साइबर अपराधियों के लिए 'बैंक खाता सप्लायर' के तौर पर काम करता था।

100 से ज्यादा बैंक खाते में घोटाला

पुलिस जांच में यह भी पता लगा कि आरोपी पश्चिम बंगाल के नदिया और उत्तर 24 परगना जिलों में अपने नेटवर्क के माध्यम से लोगों से बैंक खाते कमीशन पर खरीदता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी का पैसा ट्रांसफर करने और  ठिकाने लगाने में किया जाता था। आरोपी ने अब तक 100 से ज्यादा बैंक खाते साइबर ठगों को बेचे थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े दूसरे अपराधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।