राजधानी दिल्ली में H1N1 और मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। 20 अगस्त तक शहर में H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि मौसमी इन्फ्लुएंजा के कुल मरीजों का आंकड़ा 2,602 तक पहुंच गया है। संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आपात समीक्षा बैठक कर अस्पतालों में बेड, दवाओं और वेंटिलेटर की उपलब्धता का जायजा लिया।

Delhi H1N1 Cases, Delhi Swine Flu

लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय कर दिया गया है।

  • Published: 25 Aug 2026, 03:58 PM IST
  • Last Updated: 25 Aug 2026, 03:58 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) और मौसमी बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य महकमे को सतर्क कर दिया है। 20 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में H1N1 के कुल 1,777 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक मौसमी इन्फ्लुएंजा के कुल 2,602 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 2,392 इन्फ्लुएंजा-A और 210 इन्फ्लुएंजा-B के मरीज शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
संक्रमण के प्रसार को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगमों और प्रमुख सरकारी अस्पतालों के शीर्ष चिकित्सा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, आवश्यक एंटीवायरल दवाओं, टेस्टिंग किट और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि राजधानी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकारी तंत्र किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

LNJP अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू बेड तैयार
मरीजों के त्वरित और सुरक्षित उपचार के लिए दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में विशेष प्रबंध किए गए हैं। लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में 7 आरक्षित बेड (2 वेंटिलेटर युक्त) उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल की सातवीं मंजिल पर 70 बेड का समर्पित वार्ड तैयार रखा गया है, जिसमें 10 आईसीयू (ICU) और 7 एचडीयू (HDU) बेड शामिल हैं।

आईसीएमआर ने दी राहत भरी जानकारी, नया घातक स्ट्रेन नहीं
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि देश में फिलहाल H1N1 का कोई नया या अत्यधिक घातक म्यूटेंट/स्ट्रेन सामने नहीं आया है। यह सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी के कारण फैल रहा है। विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से पैनिक न होने और बुनियादी स्वास्थ्य सावधानियों का पालन करने की अपील की है।

लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं और सामान्य सतहों की स्वच्छता बनाए रखें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, तेज सांस चलना, सीने में भारीपन या दर्द जैसे गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण महसूस हों, तो वे घरेलू उपचार के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच और डॉक्टरी सलाह लें।