Delhi Riots 2020: दिल्ली की एक कोर्ट ने IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिया है।
IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार।
- Published: 14 Jul 2026, 10:57 AM IST
- Last Updated: 14 Jul 2026, 10:58 AM IST
Delhi Riots 2020: दिल्ली दंगा 2020 के दौरान IB के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी बताया है।
सोमवार को कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज परवीन सिंह ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में 5 आरोपियों को दोषी ठहराया है, वहीं इस मामले में 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि ताहिर हुसैन और कई आरोपियों को दोषी ठहराने का ये फैसला एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है। इस मुकदमे के दौरान प्रॉसीक्यूशन की ओर से पेश किए गए 110 गवाहों में से, अदालत ने 91 गवाहों के बयानों और सबूतों की जांच की।
बताया जा रहा है कि कोर्ट ने इस मामले में साल 2023 में 17 मार्च को आरोप तय किए थे। अब कोर्ट ने ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत दोषी पाया है। लेकिन कोर्ट ने ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी कर दिया है। इन सभी को धारा 302 (हत्या), 149 (दंगा भड़काना), 148 (घातक हथियार से दंगा करना), 147 (दंगे के लिए सजा), 188 (सरकारी आदेश की नाफरमानी) और 365 (अपहरण) के तहत आरोपी ठहराया गया है.
फैसले सुनने के बाद रो पड़ा ताहिर
अदालत में फैसला सुनने के बाद ताहिर हुसैन रो पड़ा, खुद को बेकसूर बताते हुए ताहिर ने अदालत में कहा, 'मैं बेगुनाह हूं, मेरे साथ इंसाफ नहीं हुआ है।" वहीं इस मामले में दोषियों को क्या सजा दी जाएगी, इस पर कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अलग से अपना आदेश जारी करेगा। दूसरी तरफ कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण दूसके 6 आरोपियों- मुंतजिर उर्फ मूसा, शोएब आलम, हसीन, समीर, गुलफाम और फिरोज को बरी कर दिया है।
अंकित शर्मा का शव नाले से मिला था
बता दें कि 25 फरवरी 2020 को चांद बाग इलाके में CAA के विरोध प्रदर्शनों के दौरान IB के सिक्योरिटी असिस्टेंट अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। उनका शव अगले दिन पास के एक नाले से बरामद हुआ था। इसके बाद अंकित के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। इस हत्याकांड की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने AAP पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
648 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
इस मामले में जांच टीम ने 3 जून 2020 को अदालत में 648 पन्नों की मेन चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के दौरान 6 सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गईं। फिलहाल, कोर्ट के इस विस्तृत फैसले की विस्तृत कॉपी (जजमेंट) का इंतजार है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा ?
इस केस की जांच को लीड करने वाले दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि, "दिल्ली दंगों के दौरान, हमारी पहली जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और एक निष्पक्ष, बिना भेदभाव वाली और सबूतों पर आधारित जांच पक्का करना था। भरोसेमंद सबूत जमा करने और जिम्मेदार लोगों को कानून के सामने लाने की पूरी कोशिश की गई।"
गोलछा ने आगे कहा, 'कोर्ट के अपना फैसला सुनाने के साथ, "मुझे खुशी है कि जांच टीम की कड़ी मेहनत और प्रोफेशनलिज्म ज्यूडिशियल जांच की कसौटी पर खरा उतरा है, हम 2020 के दंगों के दौरान किए गए अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कानून के सही तरीके से सजा दिलाने के लिए कमिटेड हैं।"