Published: Saturday, September 26, 2026, 15:24 [IST]
Disha Salian Death Case: दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। 24 सितंबर 2026 को दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान अपने वकील नीलेश ओझा (Nilesh Ojha) के साथ मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने जांच अधिकारी को एक पेन ड्राइव सौंपी है।
दिशा सालियान के पिता ने CBI को सौंपी पेन ड्राइव
दिशा सालियान के परिवार की ओर से दावा किया गया है कि इस पेन ड्राइव में मामले से जुड़े गवाहों के बयान, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री मौजूद है। वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि इसमें दो कथित चश्मदीद गवाहों के बयान और तीन वीडियो शामिल हैं। हालांकि इन सामग्रियों की वास्तविकता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि अब सीबीआई की जांच के बाद ही हो सकेगी।
पेन ड्राइव में क्या होने का दावा?
-नीलेश ओझा के मुताबिक पेन ड्राइव में ऐसे गवाहों से जुड़ी सामग्री है, जिनके बारे में उनका दावा है कि वह घटना से संबंधित अहम जानकारी रखते हैं। उन्होंने कहा कि इनमें एक कथित चश्मदीद का वीडियो बयान भी शामिल है, जिसमें घटना के क्रम और उसके बाद की परिस्थितियों के बारे में जानकारी होने का दावा किया गया है।
-वकील ने ये भी दावा किया कि पेन ड्राइव में तीन वीडियो के अलावा गवाहों से संबंधित अन्य जानकारी मौजूद है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां पहले ही सीबीआई को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी थीं।
आरोपों को लेकर नीलेश ओझा ने क्या कहा?
-वकील नीलेश ओझा ने पेन ड्राइव सौंपने के बाद मामले में कुछ लोगों की कथित भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उन्होंने आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) और कुछ अन्य लोगों के संबंध में भी दावे किए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इन्हें अदालत द्वारा साबित किया गया है।
-सीबीआई फिलहाल मामले की जांच कर रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही किसी व्यक्ति की भूमिका तय होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी अपनी हालिया कार्यवाही में स्पष्ट किया था कि जांच में पर्याप्त सामग्री मिलने से पहले किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
नावेद मुजावर के बयान को लेकर भी उठाए सवाल
-नीलेश ओझा ने नावेद मुजावर नाम के व्यक्ति के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मुजावर ने पुलिस के सामने जो बयान दिया था और बाद में सामने आए वीडियो में कही गई बातों के बीच कुछ अंतर हैं।
-वकील के मुताबिक पुलिस को दिए कथित बयान में नावेद मुजावर ने खुद को घटनास्थल पर मौजूद बताया था और दिशा सालियान को ऊपर से गिरते हुए देखने की बात कही थी। उन्होंने ये भी दावा किया था कि उस बयान में दिशा के कपड़ों का जिक्र लाल रंग की टी-शर्ट और क्रीम रंग की पैंट के तौर पर किया गया था।
-वहीं नीलेश ओझा का कहना है कि बाद के एक वीडियो बयान में घटना के समय और कपड़ों को लेकर अलग जानकारी सामने आती है। उनके अनुसार इन कथित विरोधाभासों की जांच किया जाना जरूरी है।
CCTV फुटेज और घटना के समय पर भी सवाल
-नीलेश ओझा ने घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज का हवाला देते हुए घटना के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि दिशा सालियान के बिल्डिंग से गिरने का समय और CCTV में पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने का समय एक-दूसरे से मेल नहीं खाता।
-वकील के मुताबिक एक तरफ घटना का समय रात के करीब 1:20 बजे बताया गया है जबकि CCTV रिकॉर्ड में पुलिस की मौजूदगी इससे पहले दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। नीलेश ओझा का कहना है कि इस कथित अंतर की जांच से घटनाक्रम को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पेन ड्राइव में मौजूद सामग्री और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।
चार लोगों के लिए सुरक्षा की मांग
नीलेश ओझा ने ये भी दावा किया है कि मामले से जुड़े कुछ लोगों को कथित तौर पर धमकियां मिलने की आशंका है। इसी वजह से उन्होंने चार लोगों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग किए जाने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस लिस्ट में सतीश सालियान और खुद नीलेश ओझा के अलावा समीर वानखेड़े और आशुतोष पाठक के नाम शामिल हैं। इस संबंध में भी जांच एजेंसी को पत्र दिए जाने की बात कही गई है।
CBI जांच से सामने आएगा दावों का सच
-दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है। अदालत ने 2 सितंबर 2026 को सीबीआई जांच का आदेश दिया था और साथ ही कहा था कि जांच में पर्याप्त आधार मिलने के बाद ही किसी व्यक्ति को आरोपी माना जाए।
-अब सतीश सालियान की ओर से सौंपी गई पेन ड्राइव जांच का अहम हिस्सा बन सकती है। इसमें मौजूद वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच के बाद ही ये पता चलेगा कि इनमें किए गए दावे जांच में कितने जरूरी साबित होते हैं।
-नीलेश ओझा ने जांच एजेंसी से मामले में तेजी से कार्रवाई करने, जरूरत पड़ने पर लुकआउट नोटिस जारी करने और आरोपों की पुष्टि होने पर कानूनी कदम उठाने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई सीबीआई की जांच और उससे सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी।
-दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। पहले मुंबई पुलिस की जांच में किसी आपराधिक साजिश के सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई थी। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच चल रही है।