मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसान दिल्ली में CJP के समर्थन और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकि

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किसानों ने डीएम डॉ. वीके सिंह से मुलाकात की मांग करते हुए परिसर में खाट बिछाकर पंचायत शुरू कर दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली में खाट और अन्य सामान लेकर पहुंचे किसान वहीं बैठ गए। इस दौरान कुछ किसान ताश खेलते भी नजर आए। किसान डीएम से वार्ता होने तक परिसर में ही डटे रहे।

किसानों और डीएम के बीच दो दौर में बातचीत हुई। किसान नेता के मुताबिक, कुछ मुद्दों पर समाधान निकला, जबकि बाकी समस्याओं के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। वहीं, डीएम ने कहा कि ज्ञापन में शामिल मांगों पर संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान वार्ता होने तक वहीं बैठने की बात कह रहे हैं।

अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान वार्ता होने तक वहीं बैठने की बात कह रहे हैं।

बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। डीएम को ज्ञापन सौंपने जाते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। करीब 10 मिनट तक खींचतान चलने के बाद किसान बैरिकेडिंग पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए।

अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने परिसर में ही पंचायत शुरू कर दी और कहा कि वार्ता के बाद ही आगे का फैसला करेंगे।

काशी टोल पर भी किसानों को रोका

दिल्ली कूच कर रहे भाकियू टिकैत के कुछ कार्यकर्ताओं को काशी टोल पर पुलिस ने रोक लिया। इसके विरोध में किसान सड़क पर बैठ गए। किसान नेताओं ने कहा कि वे दिल्ली में समर्थन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

किसानों और डीएम के बीच बातचीत जारी है।

किसानों और डीएम के बीच बातचीत जारी है।

गन्ने का रेट 600 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग

भाकियू टिकैत ने ज्ञापन में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल करने समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। वोटों में गड़बड़ी और जिला स्तर की समस्याओं को भी शामिल किया गया। किसान नेता ने चकबंदी शुरू कराने, जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने, गन्ना सेंटरों के बंद होने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने की मांग भी रखी।

मौके पर दो दिन पहले ही एडीएम सिटी का पदभार संभालने वाले आदित्य प्रजापति किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले भी सुबह से मौके पर मौजूद रहे।

धरने पर बैठे किसान कलेक्ट्रेट परिसर में ताश खेलते नजर आए।

धरने पर बैठे किसान कलेक्ट्रेट परिसर में ताश खेलते नजर आए।

दो दौर में हुई वार्ता, कुछ मांगों पर समाधान

किसान नेता ने बताया कि डीएम खुद किसानों के बीच आए और वार्ता करने को कहा। पहले दौर की बातचीत विफल हो गई थी और वार्ता बीच में ही रुक गई थी। इसके बाद दूसरे दौर में बातचीत हुई। किसान नेता के मुताबिक, कुछ मुद्दों पर समाधान निकला, जबकि कुछ समस्याओं के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर के अधिकारी किसानों की समस्याओं पर काम नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, डीएम ने 50-55 किसानों के सामने इस बात को स्वीकार किया। किसान नेता ने कहा कि जब निचले स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो किसान अपनी समस्याएं लेकर किसके पास जाएं।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

डीएम के बयान पर हुई नोकझोंक

किसान नेता के अनुसार, वार्ता के दौरान डीएम ने कहा कि जिस विभाग या अधिकारी से संबंधित काम है, उससे बात करें। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी हुई। किसान नेता ने कहा कि किसान अब डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद बैठक करेंगे और भोजन करेंगे।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरना दिया था। किसानों की ओर से दिए गए ज्ञापन में शामिल बिंदुओं पर वार्ता की गई। उन्होंने कहा कि किसान वार्ता से संतुष्ट होकर घर जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।