मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल कार्यक्रम के तहत बिहार के विभिन्न जिलों में मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में मधेपुरा जिले के सभी 13 प्रखंडों में एक-एक मॉडल स्कूल की शुरुआत हुई।

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जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम शहर के रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें डीएम अभिषेक रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

राजद नेता और लोगों ने किया विरोध

कार्यक्रम के दौरान रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम के साथ 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल' जोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री बीपी मंडल के पोते और राजद नेता आनंद मंडल समेत स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी प्रसाद मंडल के नाम पर स्थापित विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़ की जा रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि रासबिहारी प्रसाद मंडल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और शिक्षा के प्रसार के लिए इस संस्थान की स्थापना में योगदान दिया था। ऐसे में विद्यालय के नाम के साथ नया नाम जोड़ने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

भविष्य में मूल नाम हटाने की कोशिश

आनंद मंडल ने कहा कि उनके दादा बीपी मंडल ने रासबिहारी मंडल के नाम पर विद्यालय के लिए पांच बीघे से अधिक जमीन दान दी थी। उन्होंने आशंका जताई कि फिलहाल विद्यालय के नाम के आगे 'सरस्वती विद्या निकेतन' जोड़ा गया है, लेकिन भविष्य में मूल नाम हटाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के मूल नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मॉडल स्कूल योजना के तहत सभी ऐसे विद्यालयों के साथ 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल' नाम जोड़ा गया है। जिले के किसी भी मॉडल स्कूल के मूल नाम से छेड़छाड़ नहीं की गई है।

13 मॉडल स्कूलों में कक्षा 9 से पढ़ाई शुरू

जिले के सभी 13 मॉडल स्कूलों में फिलहाल कक्षा 9 से पढ़ाई शुरू की गई है। प्रत्येक विद्यालय में 40-40 छात्रों का नामांकन किया जाएगा। विभागीय मानकों के अनुसार प्रत्येक मॉडल स्कूल में 23 से 24 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि फिलहाल पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।