Duleep Trophy: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने 250 रन की शानदार पारी खेलकर हर किसी का ध्यान खींचा। उनकी इस मैराथन पारी को देखकर कमेंटेटर विवेक राजदान ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को खास सलाह दी।
वैभव सूर्यवंशी को ईशान किशन की पारी से सीखना चाहिए।
- Published: 07 Sep 2026, 04:04 PM IST
- Last Updated: 07 Sep 2026, 04:04 PM IST
Duleep Trophy: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाजी से ऐसा कमाल किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। ईस्ट जोन के कप्तान किशन ने चेन्नई की गर्मी में करीब पूरा दिन बल्लेबाजी करते हुए अपना स्कोर 250 रन तक पहुंचाया। हालांकि उनकी यह शानदार पारी सामान्य तरीके से खत्म नहीं हुई। शरीर ने जवाब दिया और ईशान को रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
ईशान ने दूसरे दिन शतक के साथ बल्लेबाजी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए दोहरा शतक पूरा किया और यहां भी नहीं रुके। उन्होंने थकान को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और लगातार बल्लेबाजी करते रहे। 250 रन तक पहुंचने के बाद आखिरकार उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।
ईशान की इस पारी की मैदान पर मौजूद हर किसी ने जमकर तारीफ की। जब वह मैदान से बाहर निकले तो खिलाड़ियों और दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यह सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं थी, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने, धैर्य और फिटनेस की भी परीक्षा थी।
ईशान की इस पारी पर कमेंटेटर विवेक राजदान ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का भी जिक्र किया। उन्होंने कमेंट्री के दौरान सीधे वैभव को सलाह देते हुए कहा- सूर्यवंशी साहब, अब आपको ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों से सीखना होगा कि एक बार सेट होने के बाद लंबी पारी कैसे खेलनी है।
राजदान ने आगे कहा- मैदान पर मौजूद हर व्यक्ति इस पारी के सम्मान में खड़ा होकर तालियां बजा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीक या टेंपरामेंट की बात नहीं है, बल्कि मैच फिटनेस भी है। इतनी गर्मी में लंबे समय तक मैदान पर रहकर इस तरह की पारी खेलना आसान नहीं होता।
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
वैभव सूर्यवंशी ने भी दलीप ट्रॉफी फाइनल में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। कम उम्र में ही वह आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से मैच का रुख बदलने की क्षमता दिखा चुके हैं। हालांकि लंबे फॉर्मेट में उनके सामने अगली बड़ी चुनौती अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने की है।
ईशान की 250 रन की पारी ने इसी बात की मिसाल पेश की। शतक और दोहरा शतक पूरा करने के बाद भी उन्होंने बल्लेबाजी जारी रखी। यही अंतर है अच्छी शुरुआत और बड़ी पारी के बीच। युवा वैभव के लिए ईशान की यह पारी ड्रेसिंग रूम से मिला एक बेहद खास बल्लेबाजी सबक भी है।