ED निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके कार्यकाल को 13 अगस्त 2026 से आगे बढ़ाकर 13 अगस्त 2027 तक करने की मंजूरी दी है.
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ED निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया. (Photo @BengalGovernor on X)
केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल 13 अगस्त के बाद एक साल के लिए बढ़ा दिया है. आदेश के मुताबिक, 59 वर्षीय राहुल नवीन 14 अगस्त 2024 से ED के स्थायी निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं. वह 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के आयकर कैडर के अधिकारी हैं.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की ओर से शनिवार को जारी आदेश में कहा गया कि राहुल नवीन का ED निदेशक के तौर पर कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से आगे एक साल के लिए बढ़ाया गया है. अब उनका कार्यकाल 13 अगस्त 2027 तक रहेगा. यह विस्तार उनकी 31 जुलाई 2027 को होने वाली सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद भी सेवा जारी रखने के साथ दिया गया है. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, 13 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक, इनमें से जो पहले हो, तब तक लागू रहेगा.

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नियमों के मुताबिक, किसी अधिकारी को ED निदेशक के तौर पर दो साल के लिए नियुक्त किया जा सकता है. इसके बाद एक-एक साल के तीन विस्तार दिए जा सकते हैं. सितंबर 2023 में राहुल नवीन को ED का कार्यवाहक निदेशक बनाया गया था.
कई बड़े मामले की जांच
राहुल नवीन के कार्यकाल में ED ने कई बड़े मामलों की जांच जारी रखी और नई जांच भी शुरू की. इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप और कई ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले शामिल हैं. उनके कार्यकाल में ED ने रियल एस्टेट कंपनियों की ओर से घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े कई मामलों पर भी ध्यान दिया. एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की संपत्तियां पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई.
IIT से बढ़े हैं राहुल नवीन
ED ने वर्षों से चल रहे मुकदमों को कम करने के लिए भी प्रक्रिया शुरू की है. इसके तहत निरस्त किए जा चुके विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) के तहत दर्ज मामलों का निपटारा और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कंपाउंडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई. राहुल नवीन ने IIT-कानपुर से B.Tech और M.Tech किया है. उन्होंने मेलबर्न की Swinburne University of Technology से एमबीए किया है. उन्होंने प्रत्यक्ष कराधान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय टैक्स और ट्रांसफर प्राइसिंग के मुद्दों पर कई किताबें, जर्नल और लेख भी लिखे हैं.
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