Lalit Modi to return to India: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पहले चेयरमैन ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने वाले हैं. उन्होंने खुद घर वापसी का ऐलान किया है. दरअसल, ललित को 2009 के IPL-साउथ अफ्रीका FEMA मामले में बड़ी राहत मिली है. 2018 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी मामले में जुर्माना लगाया था. लेकिन अब स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (SAFEMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ईडी का उन पर लगाया जुर्माना रद्द कर दिया है. राहत मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर भारत लौटने की इच्छा जताई है.

ललित मोदी ने किया भारत लौटने का ऐलान

ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा, “कल आए फैसले से मैं बहुत खुश हूं. यह सच में एक बहुत अच्छा दिन रहा है. मैंने 16 साल तक लड़ाई लड़ी और मीडिया और बाकी सभी लोगों से जो कुछ भी कहा था, आखिरकार वही सच साबित हुआ. मुझे बहुत खुशी है कि ट्रिब्यूनल ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया है. मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं. वह मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.”

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उन्होंने आगे कहा, “अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ूंगा और भारत लौटने का इंतज़ार कर रहा हूँ. मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊँगा. अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है और उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा.”

#WATCH | IPL founder and first chairman Lalit Modi to return to India.

He says, "I'm really happy with the verdict yesterday. It's really been a great day. 16 years I have fought and whatever I have been saying to the media and to everybody has finally emerged as the truth. I'm… pic.twitter.com/QTN7VkzuEy

— ANI (@ANI) July 22, 2026

क्या है 2009 का FEMA मामला?

दरअसल, फेमा का यह मामला साउथ अफ्रीका में आयोजित हुए 2009 आईपीएल से जुड़ा है, जिसमें ललित मोदी पर आरोप लगा था कि उन्होंने IPL को भारत से साउथ अफ्रीका शिफ्ट करने के लिए के लिए गलत तकरीक से विदेशों में पैसे भेजे. ईडी का आरोप था कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने तब आईपीएल आयोजित करने के लिए तकरीबन 4.98 करोड़ अमेरिकी डॉलर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अनुमति के बिना विदेश भेजे थे.

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भारत में लोकसभा चुनाव के कारण आईपीएल का दूसरा सीजन साउथ अफ्रीका में हुआ था. इस मामले में ईडी ने 2018 में ललित पर 10.56 करोड़ रुपये का जर्माना लगाया था. लेकिन अब ट्रिब्यूनल ने ईडी के जुर्माने को रद्द कर दिया है.

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ट्रिब्यूनल ने फैसले में क्या कहा?

ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि बीसीसीआई के विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों के पालन के लिए ललित मोदी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. अदालत ने माना कि ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि बोर्ड की कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारियों का संचालन ललित मोदी के हाथ में था. फैसले में बीसीसीआई और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को भी बड़ी राहत मिली है.

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हालांकि, ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दो अहम निष्कर्षों को सही ठहराया. इनमें बीसीसीआई पर लगाई गई 4 करोड़ रुपये की पेनल्टी बरकरार रखी गई, जो खातों में दर्ज राशि से अधिक रकम विदेश भेजने के मामले में लगाई गई थी. इसके अलावा, ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि टिकट बिक्री से प्राप्त विदेशी मुद्रा को भारत वापस लाने में देरी की गई थी.

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