Updated: Monday, September 14, 2026, 16:53 [IST]
Vaibhav Sooryavanshi: संजू सैमसन को टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में वापस लाने के लिए मैनेजमेंट ने शायद सोचा होगा कि इस बार कहानी बदल जाएगी। आयरलैंड और इंग्लैंड में खराब प्रदर्शन के बाद बाहर बैठे सैमसन को अफगानिस्तान के खिलाफ फिर मौका मिला लेकिन बल्ले ने एक बार फिर टीम मैनेजमेंट की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वह 10 रन बनाकर चलते बने और उनका चयन सवालों के घेरे में आ गया।
दिलचस्प बात तो ये है कि सैमसन को मौका देने के लिए जिम्बाब्वे दौरे पर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाया गया। अब सवाल सिर्फ सैमसन के 10 रन का नहीं है, बल्कि ये भी है कि जब वैभव लगातार मौके को भुना रहे थे, तो उन्हें बाहर करके आखिर टीम मैनेजमेंट ने हासिल क्या किया? वैभव के कोच मनीष ओझा ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी है।
वनइंडिया से विशेष बातचीत में वैभव के कोच ने कहा "मैं चाहता था कि अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव को मौका मिले। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ी को ज्यादा से ज्यादा मैच एक्सपोजर मिलना चाहिए, खासकर तब जब उसने हाल में अपने प्रदर्शन से खुद को साबित किया हो। वैभव को बाहर रखने पर मैंने मैच नहीं देखा।"
प्लेइंग इलेवन में संजू का स्थान मैनेजमेंट पर निर्भर
अफगानिस्तान के खिलाफ संजू सैमसन को वैभव से ऊपर तरजीह दिए जाने पर मनीष ने कहा "संजू भी बड़े खिलाड़ी हैं और प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम मैनेजमेंट का है। युवा खिलाड़ी होने के नाते वैभव को ज्यादा से ज्यादा मौके मिलने चाहिए। वैभव को मुश्किल परिस्थितियों में खिलाना जरूरी है, क्योंकि इसी तरह खिलाड़ी की ग्रोथ होती है। अगर वैभव कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन करना सीखते हैं तो भविष्य में वह भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक योगदान दे सकते हैं।"
क्या अगले मैच में वैभव को लाना चाहिए?
पहले टी20 में संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी नहीं आई। ऐसे में जब मनीष से पूछा गया कि अगले मुकाबले में क्या वैभव को मौका मिलना चाहिए, तो उन्होंने बिना घुमाए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा "संजू को मौका दिया जा चुका है लेकिन पिछले कई मुकाबलों में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। ऐसे में अब वैभव को मौका देने का सही समय है। वैभव को सिर्फ एक मैच के लिए आजमाने के बजाय टीम इंडिया के नियमित सदस्य के तौर पर तैयार करने की दिशा में सोचना चाहिए।"
अभिषेक शर्मा की क्यों है परमानेंट जगह?
वैभव के कोच ने तीन प्लेयर्स में स्पर्धा की बात की। उन्होंने वैभव और संजू के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को सिर्फ दो खिलाड़ियों तक सीमित रखने पर सवाल उठाया, उनके अनुसार अभिषेक शर्मा भी लगातर फ्लॉप रहे हैं, तो वहां जगह खाली क्यों नहीं की जाती।
उन्होंने कहा "अगर टीम में जगह के लिए प्रदर्शन को आधार बनाया जा रहा है तो इस दौड़ में अभिषेक शर्मा को भी शामिल किया जाना चाहिए। वह भी आयरलैंड और इंग्लैंड में फ्लॉप रहे थे, वर्ल्ड कप में भी उनकी एक पारी के अलावा खास प्रदर्शन नहीं था। प्रदर्शन पैमाना है, तो तीनों में स्पर्धा होनी चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा नहीं कर रहा है, तो सवाल उठना चाहिए। जो खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर रहा है, उसे बाहर बैठना चाहिए। किसी एक खिलाड़ी की जगह को स्थायी मान लेना सही नहीं है।"