विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। वायरल वीडियो का दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन से कोई संबंध नहीं है। वीडियो के साथ किया गया दावा भी जांच में पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुआ।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Sep 14, 2026 at 04:37 PM
- Updated: Sep 14, 2026 at 05:33 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ‘ब्रिक्स’ (BRICS) सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवती को बालों से पकड़कर घसीटते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ब्रिक्स 2026 के दौरान प्रदर्शन करने पर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीट-घसीटकर मारा । इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। पता चला कि वायरल वीडियो दिल्ली का नहीं है। यह वीडियो आंध्र प्रदेश का निकला। तिरुपति में पैरामेडिकल स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया था। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में कुछ तिब्बती नागरिकों ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे का जरूर विरोध किया था।
क्या है वायरल?
फेसबुक पेज ‘ViralNws HINDI’ ने 13 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया और महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीटा गया। दुनिया भर से आए BRICS मेहमानों के सामने दिल्ली से ऐसी तस्वीरें जाएं, तो सवाल उठना लाज़मी है—भारत की राजधानी में लोकतांत्रिक विरोध की तस्वीर आखिर कैसी दिखाई दे रही है? क्या विरोध करना अब इतना बड़ा अपराध है कि महिलाओं के साथ भी ऐसी कार्रवाई की जाए? आप इस घटना को कैसे देखते हैं? कमेंट में अपनी राय बताएं।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसमें मौजूद वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। इस वीडियो का ग्रैब इस्तेमाल करते हुए ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने 13 सितंबर 2026 को एक खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में बताया गया कि तिरुपति में पैरामेडिकल छात्रों द्वारा शिफ्ट के समय और मासिक वजीफे को लेकर किए गए विरोध-प्रदर्शन को दबाने के लिए तिरुपति पुलिस को कथित तौर पर बल प्रयोग करने और एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ बदसलूकी करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा।

सर्च के दौरान हमें ‘तेलुगू स्क्राइब’ नाम के एक एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो मिला, जिसे तिरुपति का बताया गया। वीडियो के साथ कैप्शन में बताया गया है कि पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ पुलिस ने अत्याचार किया।
స్టైఫండ్ అడిగినందుకు విద్యార్దిని జుట్టు పట్టుకొని లాగిన మగ పోలీస్
తిరుపతిలో అమానుషం
పారామెడికల్ విద్యార్థులపై పోలీసు జులం
స్టైఫండ్ ఇవ్వాలంటూ ధర్నా చేస్తున్న విద్యార్థులపై పోలీసుల ప్రతాపం pic.twitter.com/p19fZY7yuI
— Telugu Scribe (@TeluguScribe) September 12, 2026
‘साक्षी टीवी’ लाइव ने भी अपने यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो को तिरुपति का बताकर अपलोड किया था। साथ में बताया कि पैरामेडिकल स्टूडेंट्स के ऊपर तिरुपति पुलिस ने एक्शन लिया था। यह वीडियो 13 सितंबर 2026 को अपलोड किया गया था।
विश्वास न्यूज ने ‘दैनिक जागरण’, नई दिल्ली के वरिष्ठ मुख्य अपराध संवाददाता राकेश कुमार सिंह से अधिक जानकारी के लिए संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट फेक है। ब्रिक्स के आयोजन के समय दिल्ली में ऐसा कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हुआ, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।
क्या है संदर्भ?
देश की राजधानी नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स का आयोजन हुआ था। मीडिया और सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा रूस और चीन के राष्ट्रपतियों की भारत यात्रा रही। इस सम्मेलन में ब्राजील, चीन, रूस के अलावा 11 सदस्य देशों और 10 पार्टनर देशों ने भी शिरकत की थी। सम्मेलन के बारे में ‘माय भारत’ की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों के आधार पर ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपनी खबर में बताया कि 11 सितंबर 2026 को प्रगति मैदान के पास दिल्ली पुलिस ने कुछ तिब्बती नागरिकों को हिरासत में लिया था, जो चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में तिरुपति का वीडियो दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन के नाम पर शेयर करने वाले पेज की जांच की। इस फेसबुक पेज को एक हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट नवंबर 2024 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। वायरल वीडियो का दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन से कोई संबंध नहीं है। वीडियो के साथ किया गया दावा भी जांच में पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुआ। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में ऐसा प्रदर्शन नहीं हुआ, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया। वीडियो तिरुपति का है।
- Claim Review : ब्रिक्स के आयोजन के वक्त दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीटा
- Claimed By : FB Page ViralNws HINDI
- Fact Check : झूठ
Our Sources
- News report by TOI, Dated 13 Sep 2026
- @TeluguScribe X Handle
- Video of Sakshi TV YT Channel, Dated 13 Sep 2026
- MyBharat.Gov.in
- News report by The New Indian Express, Dated 11 Sep 2026
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