भारतीय जवानों द्वारा अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ कर रहे चीन के सैनिक को पकड़ने के दावे से पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। यह नवंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर 2026 में कहा था कि जुलाई 2026 से अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की झड़प की स्थिति अभी भी बनी हुई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय जवानों को एक सिपाही को पकड़कर लाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि भारतीय जवानों ने चीन के सिपाही को पकड़कर उसकी पिटाई की और बाद में उसे छोड़ दिया।

विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह वीडियो पुराना है और नवंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मौजूदा भारत-चीन टकराव से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर ‘Manoj Singh’ ने 25 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, ”धमाकेदार वीडियो, PLA के सैनिक अरुणाचल में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। भारतीय जवानों ने उन्हें बुरी तरह पीटा, पकड़ा GPL किया और फिर LAC प्रोटोकॉल के अनुसार छोड़ दिया।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘KUNAL BISWAS – News, Technology, Shorts’ पर 12 नवंबर 2024 को वायरल हो रहे क्लिप के लंबे वर्जन को अपलोड किया गया था। हालांकि, इसमें कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस वीडियो में सैनिकों को मास्क पहने हुए देखा जा सकता है और जवानों को पंजाबी भाषा में बोलते हुए सुना जा सकता है।

‘Kunal Biswas’ नाम के एक्स अकाउंट से भी 12 नवंबर 2024 को वायरल क्लिप का लंबा वर्जन पोस्ट किया गया था। इसमें दी गई जानकारी के अनुसार, “पूर्वोत्तर में LAC पर भारतीय सेना और PLA के बीच हुई एक झड़प का लंबा वीडियो फिर से अपलोड किया गया है। लड़ाई के दौरान PLA की रेडिंग पार्टी के जवान थक गए और उनके साथी उन्हें पीछे छोड़ते हुए भाग गए। इसके बाद, पंजाब रेजिमेंट के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और अपने कमांडिंग ऑफिसर (CO) के पास ले गए। 2020 के दौरान ऐसी झड़पें अपने चरम पर थीं।”

इसी हैंडल से 12 नवंबर 2024 को एक अन्य वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया कि यह वीडियो का दूसरा हिस्सा है। इस वीडियो में भी सैनिकों को मास्क पहने हुए देखा जा सकता है, जिससे इस घटना के कोविड महामारी के दौरान होने की आशंका है।

2nd Part of video & some observation :

A. #PLAGF Captain & Lieutenant negotiating hard in good english.
B. #PLAGF men wearing Mask suggest this was during Covid days.
C. #IndianArmy Men armed with Katar & Karpan, means skirmishes were happening with sharp weapons from both… pic.twitter.com/ebJWK3CU8Z

— 𝐊𝐔𝐍𝐀𝐋 𝐁𝐈𝐒𝐖𝐀𝐒 (@Kunal_Biswas707) November 12, 2024

भारतीय सेना के एक्स पर मौजूद फैक्ट चेक अकाउंट ‘INDIAN ARMY FACT CHECK’ से 25 अक्टूबर 2026 को एक पोस्ट कर वायरल हो रहे वीडियो के बारे में जानकारी दी गई, “यह वीडियो प्रमाणित नहीं है और इसे गलत तरीके से हाल की घटना के रूप में पेश किया जा रहा है। इससे LAC पर जमीनी हालात को लेकर अफवाहें और भ्रम फैल रहे हैं। पहले भी, सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो क्लिप्स को हाल की घटनाएं बताकर शेयर किया गया है, ताकि LAC के हालात के बारे में एक भ्रामक धारणा बनाई जा सके।”

🚨 Verify the Viral

❌ Several social media accounts are circulating an unverified video with the claim, “Many Chinese soldiers beaten and captured by Indian Army at LAC during ongoing standoff”.

✅ The footage is unauthenticated and is being falsely projected as a recent… pic.twitter.com/4wk7je705z

— INDIAN ARMY FACT CHECK (@MythbusterXX) October 25, 2026

‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर 11 जनवरी 2021 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, “एलएसी के भारतीय हिस्से में पिछले हफ्ते पकड़े गए एक चीनी सैनिक को वापस सौंप दिया गया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के इस सैनिक को 11 जनवरी को सुबह चुशुल-मोल्डो में हुई बैठक के दौरान चीन को सौंप दिया गया। पिछले हफ्ते एक अधिकारी ने बताया था कि 8 जनवरी 2021 की सुबह लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के दक्षिण इलाके में एलएसी के भारतीय हिस्से में एक चीनी सैनिक को पकड़ा गया था। PLA का यह सैनिक एलएसी पार करके भारतीय क्षेत्र में आ गया था, जिसके बाद वहां तैनात भारतीय सैनिकों ने उसे हिरासत में ले लिया था। इससे पहले अक्टूबर 2020 में पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भारतीय जवानों ने PLA के एक सैनिक वांग या लॉन्ग को पकड़ा था। मई 2020 से भारत और चीन के बीच एलएसी पर गतिरोध बना हुआ है। जून में यह तनाव तब चरम पर पहुंच गया, जब गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।”

हम वायरल वीडियो की सटीक लोकेशन और समय के बारे में कोई पुष्टि नहीं करते हैं। यह स्पष्ट है कि वीडियो नवंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है और इसका एलएसी पर मौजूदा भारत-चीन टकराव से कोई संबंध नहीं है।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल निशांत अरविंद से संपर्क किया और उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इस बारे में पहले ही खंडन कर चुकी है।

क्या है संदर्भ?

आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर तनाव जारी रहने की पुष्टि की थी। ‘दैनिक जागरण डॉट कॉम’ पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, “कपूर ने राजस्थान के अलवर में आयोजित ‘हिमवीर सम्मान समारोह’ में कहा कि पिछले कुछ दिनों से अरुणाचल में कई स्थानों पर टकराव जारी है। नई गठित शौर्य कमांडो टीम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जवानों ने अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ टकराव के दौरान अच्छा काम किया है।” इस बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ”जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।” बता दें कि जुलाई 2026 से ही अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर तनाव है।”

पुराने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। मई 2010 में बने इस अकाउंट के करीब 80 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: भारतीय जवानों द्वारा अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ कर रहे चीन के सैनिक को पकड़ने के दावे से पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। यह नवंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है।

  • Claim Review : भारतीय सैनिकों ने अरुणाचल में घुसपैठ कर रहे चीन के सैनिक को पकड़कर पीटा।
  • Claimed By : X User- Manoj Singh
  • Fact Check : झूठ

Our Sources

  1. Video Posted by YT@KUNAL BISWAS, Dated 12 Nov 2024
  2. Video Posted by X@KUNAL BISWAS, Dated 12 Nov 2024, Dated 12 Nov 2024
  3. Post by X@MythbusterXX, Dated 25 Oct 2026
  4. News Report by NDTC, Dated 11 Jan 2021
  5. News Report by Dainik Jagran, Dated 23 Oct 2026

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