Updated On: Aug 04, 2026 | 11:25 AM IST

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सार

Bombay High Court FDA License Suspension Row: 100% नियमों का पालन करने के बाद भी लाइसेंस बहाल न करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को फटकारा, हर्जाना भरने के संकेत।

Bombay High Court FDA Controversy Tukaram Mundhe

तुकाराम मुंढे और बॉम्बे हाईकोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)

विस्तार

Bombay High Court FDA Controversy Tukaram Mundhe: मुंबई उच्च न्यायालय (बॉम्बे हाईकोर्ट) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के काम करने के तरीके पर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को उसे जोरदार झटका दिया है। अदालत ने नवी मुंबई स्थित एक बार-रेस्तरां का लाइसेंस रद्द करने के एफडीए के आदेश को न केवल खारिज किया, बल्कि 15 दिनों तक कारोबार बंद रहने से हुए वित्तीय नुकसान का हर्जाना भी FDA से वसूलने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

यह कार्रवाई तब हुई जब होटल द्वारा 100 प्रतिशत नियमों का पालन करने की रिपोर्ट मिलने के बावजूद प्रशासनिक सुस्ती के कारण उसका निलंबन वापस नहीं लिया गया था।

100% अनुपालन के बावजूद नहीं बहाल किया लाइसेंस

पूरा मामला नवी मुंबई स्थित ‘पवन बार एंड रेस्टोरेंट’ से जुड़ा है। FDA की टीम ने 29 जून को इस प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें 63 प्रतिशत अनुपालन (Compliance) पाया गया। इसके आधार पर अगले ही दिन यानी 30 जून को रेस्तरां का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

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हालांकि, कमियों को सुधारने के बाद 14 जुलाई को दोबारा किए गए निरीक्षण में FDA की रिपोर्ट में पाया गया कि प्रतिष्ठान 100 प्रतिशत नियमों का पालन कर रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों ने निलंबन का आदेश वापस नहीं लिया, जिसके बाद होटल मालिक ने न्याय के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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15 दिनों के आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। सरकारी वकीलों की इस दलील पर कि अपील प्रक्रिया लंबित है, पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जब आपकी अपनी ही रिपोर्ट कहती है कि प्रतिष्ठान 100 प्रतिशत नियमों का पालन कर रहा है, तो निलंबन आदेश तुरंत निरस्त होना चाहिए था। पिछले 15 दिनों से व्यवसाय बंद रहने के कारण याचिकाकर्ता को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कौन करेगा?”

अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र सालों से सोया हुआ था और अब अचानक अति-सक्रियता दिखा रहा है। अगर ऐसे मामलों में अदालत चुप रहती है, तो वह अपने कर्तव्य में विफल मानी जाएगी।

FDA को भरना पड़ सकता है हर्जाना, अगली सुनवाई 5 अगस्त को

अदालत ने तुरंत प्रभाव से FDA के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही, रेस्तरां मालिक को हलफनामे के जरिए यह ब्योरा देने का निर्देश दिया कि पिछले 15 दिनों में उनकी औसत दैनिक आय के हिसाब से कितना नुकसान हुआ है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने संकेत दिया है कि अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण रेस्तरां को हुआ वित्तीय नुकसान FDA को खुद वहन करना पड़ सकता है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को तय की गई है।

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