पंचकूला नगर निगम के 5.19 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य आरोपी जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार, पंजाब के मोहाली के रहने वाले आरोपी ने पत्नी के खाते में भेजे थे पैसे। 

FDR Scam

पंचकूला FDR घोटाले में मास्टरमाइंड को ACB की टीम ने गिरफ्तार किया।

  • Published: 12 Sep 2026, 06:57 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 06:57 PM IST

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के एफडीआर (FDR) घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस टीम ने काफी समय से वांछित चल रहे मुख्य षड्यंत्रकारी समर मोहन रंगा को पंचकूला जिला अदालत परिसर से धर दबोचा। पंजाब के मोहाली के रहने वाले आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 2 दिनों के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।

पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए थे 5.19 करोड़ रुपये 
एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में सामने आया कि आरोपी समर मोहन रंगा ने सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के कर्मियों व अधिकारियों के साथ सांठगांठ की थी। उसने पंचकूला नगर निगम के सरकारी खाते से लगभग 5 करोड़ 19 लाख  की भारी-भरकम राशि अनधिकृत रूप से अपनी पत्नी नेहा समर रंगा के साथ वाले संयुक्त खाते में भेज दी थी। इस गबन में उसकी मुख्य भूमिका सामने आई है।

इस तरह सामने आया वित्तीय अनियमितता का पूरा खेल
यह वित्तीय घपला तब उजागर हुआ जब विजिलेंस अधिकारियों ने नगर निगम के दस्तावेजों का कोटक महिंद्रा बैंक के अभिलेखों से मिलान किया। जांच में निगम के कागजों में दर्ज कई एफडीआर की रकम बैंक रिकॉर्ड में अनुपस्थित मिली। यही नहीं, कई ऐसे छिपे हुए बैंक अकाउंट मिले जो नगर निगम के सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकृत ही नहीं थे। बैंक में मौजूद असल बैलेंस और निगम के बही-खातों के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया था। 

24 मार्च को दर्ज हुई थी FIR, अब तक 9 की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस केस में 24 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण कानून की संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विजिलेंस इस प्रकरण में अब तक मास्टरमाइंड ऋभव ऋषि और बैंक कर्मचारियों समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 22 जून 2026 को पंचकूला कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है। रंगा लगातार चकमा दे रहा था। अब 2 दिन की रिमांड के दौरान पुलिस उससे गबन की गई राशि बरामद करने और अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाने के लिए पूछताछ करेगी।