भोपाल, 31 जुलाई 2026: एक तरफ मूंग उत्पादन करने वाले किसानों ने अपने प्रॉफिट के लिए राजधानी भोपाल को दो दिन तक ट्रैफिक ब्लॉक रखा। बदले में मुख्यमंत्री ने उनकी मांगे पूरी की। दूसरी तरफ इसी मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बिजली कटौती के खिलाफ एक गांव के सरपंच और किसानों ने ऊर्जा मंत्री की शव यात्रा निकाली तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करवा दी गई। उल्लेख जरूरी है कि ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर, शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं।
बिजली कंपनी के लाइनमैन की शिकायत पर FIR दर्ज हो गई
पुलिस ने बिजली कंपनी के लाइनमैन की शिकायत पर सरपंच सहित 10 लोगों को नामजद किया है, जबकि करीब 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। सिरसौद क्षेत्र के ग्रामीण पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में रोजाना करीब 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ खेती और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बिजली कंपनी की ओर से जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया।
ऊर्जा मंत्री से क्यों नाराज थे किसान?
लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा 27 जुलाई को सड़क पर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने बिजली समस्या के विरोध में प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और इसके बाद सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा।
काली माता मंदिर नाले के पास थोड़ी देर के लिए चक्का जाम किया था
विद्युत कंपनी के लाइनमैन हरभजन जोशी (61) निवासी करैरा ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार 27 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वह ड्राइवर रामनिवास कुशवाह के साथ मामौनी खुर्द की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सिरसौद के पास काली माता मंदिर नाले के समीप ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर रखा था। सड़क पर बड़ी संख्या में लोग बैठे हुए थे और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो रही थी।
सड़क पर बैठ गए 50-60 लोग, दोनों तरफ लग गई कतार
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार चक्काजाम में सरपंच अतर सिंह लोधी सहित राहुल सैन, प्रमोद कुशवाह, केशव लोधी, हेमंत लोधी, हरिकिशन लोधी, राधे वाल्मीकि, कल्ला कोली, रिंकू परिहार और पुष्पेंद्र लोधी सहित अन्य लोग शामिल थे। शिकायत में करीब 50 से 60 अन्य लोगों के भी मौके पर मौजूद होने की बात कही गई है। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
एंबुलेंस और डायल-112 के रास्ते में भी बाधा का आरोप
लाइनमैन की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चक्काजाम के कारण आम वाहन चालकों के साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। एंबुलेंस और डायल-112 जैसी सेवाओं के वाहनों को भी रास्ते में परेशानी होने की बात शिकायत में कही गई है। पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर चक्काजाम और रास्ता बाधित करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
तीन घंटे तक चला था प्रदर्शन
ग्रामीणों ने बिजली कटौती के विरोध में करीब तीन घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार बिजली कटौती के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है और अधिकारियों को कई बार समस्या बताने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
सरपंच समेत 10 नामजद, 50-60 अज्ञात पर मामला
अमोला थाना पुलिस ने लाइनमैन की शिकायत पर सरपंच सहित 10 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा करीब 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 176/2026 में बीएनएस की धारा 126(2), 132 और 190 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
अब पुलिस जांच में सामने आएगी प्रदर्शन की पूरी तस्वीर
इस मामले में एक तरफ ग्रामीण बिजली कटौती से परेशान होने का हवाला देकर प्रदर्शन को अपना अधिकार बता रहे थे, वहीं पुलिस ने सड़क पर चक्काजाम कर यातायात और कथित तौर पर आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करने के आधार पर मामला दर्ज किया है।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि चक्काजाम में कौन-कौन लोग शामिल थे, सड़क कितनी देर बाधित रही और क्या वास्तव में आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में बाधा आई थी। वहीं ग्रामीणों की बिजली समस्या का समाधान हुआ या नहीं, यह भी इस पूरे विवाद का अहम पहलू बना हुआ है।
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