गणेश चतुर्थी के मौके पर महिलाएं एक जुट होकर गणेश भक्ति करती हैं। इस दौरान अगर आप भी कुछ भजन गाकर भक्ति में लीन होना चाहते हैं तो यहां देखिए गणेश भगवान के 3 आसानी से गाए जाने वाले भजन के लिरिक्स।

गणेश चतुर्थी इस साल 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस खास मौके पर जगह-जगह पंडाल लगते हैं और सुंदर गणेश जी की मूर्ती को स्थापित किया जाता है। चतुर्थी से लगभग 10 दिनों के लिए भारत में गणेशोत्सव को उत्साह के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इन 10 दिनों में महिलाएं शाम को इकट्ठा होकर प्रभू भक्ति करते हैं। इस दौरान आप यहां दिए 3 गणेश भजनों को गा सकते हैं। पढ़िए इन भजनों के लिरिक्स-

1) श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ

श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ (2)

शिव जी के प्यारे मैया गौरा के दुलारे (2)

देवों के सरताज मंगल बरसाओ

श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ

प्रथम गजानंद तुमको मनाऊ

विनती करूं कर जोर बुलाऊं

सफल करो सब काज मंगल बरसाओ

श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ

रिद्धी और सिद्धी दोनों साथ में लाना,

शुभ और लाभ को भूल ना जाना।

मूषक चढ़कर आओ मंगल बरसाओ

श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ।

पुष्पों के हार देवा तुम्हें पहनाऊं

मोदक लड्डूअन के भोग लगाऊं

धूप दीप धरूं साज मंगल बरसाओ।

श्री गणपति जी महाराज मंगल बरसाओ

2) गणपति गणेश को मेरा प्रणाम

गणपति गणेश को, उमा पति महेश को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

अनजानी के पूत को, राम जी के दूत को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

कृष्ण कन्हैया को, दाऊ जी के भैया को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

माँ शेरा वाली को, खंडे खप्पर वाली को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

राम जिनका नाम है,

अयोध्या जिनका धाम है

ऐसे धनुर्धारी को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

कृष्णा जिनका नाम है

मथुरा जिनका धाम है

ऐसे मुरली बैजैया को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

शिव शंकर जिनका नाम है

कैलाश जिनका धाम है

ऐसे डमरू बैजैया को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

विष्णु जिनका नाम है

क्षीर सागर जिनका धाम है

ऐसे चक्र धारी को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

काली जिनका नाम है

कलकत्ता जिनका धाम है

ऐसी खप्पर वाली को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

3) मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में गणपति आए(2)

रिद्धी-सिद्धी साथ में लाए (2)

अरे, मूषक बन गया चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में शिव जी आए(2)

गौरी जी को साथ में लाए (2)

अरे, नंदी बन गया चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में कान्हा जी आए(2)

राधा जी को साथ में लाए (2)

अरे, मोर बन गया चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में शेरो वाली आई(2)

शेर अपना साथ में लाई (2)

अरे, भैरव बन गया चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में विष्णू जी आए(2)

लक्ष्मी जी को साथ में लाए (2)

अरे, गरुड़ बन गया चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)

इस मेले में गुरु जी आए(2)

संगत अपनी साथ में लाए (2)

अरे, हम सब बन गए चेला मेरे गणपत जी का मेला।(2)

मेला, मेला, मेला मेरे गणपत जी का मेला (2)