Time Updated: Sunday, August 23, 2026, 21:48 [IST]

Ganpati Chakraborty Family Murder: बांग्लादेश के रंगपुर में एक ही हिंदू परिवार के चार लोगों की हत्या ने सनसनी फैला दी है। मृतकों में रंगपुर जिला स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे की लाशें 22 अगस्त की रात एक बंद घर से बरामद हुईं। शुरुआत में पुलिस को लूट की आशंका थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर हत्या की वजह को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

पुलिस ने इस मामले में दो युवकों मुग्ध दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आपस में ममेरे भाई हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि दोनों गणपति के घर की छत पर याबा का सेवन कर रहे थे और पकड़े जाने के डर से उन्होंने परिवार के सदस्यों को एक-एक कर मार डाला। आइए जानते हैं कि हत्या के बाद 7 घंटे की पूरी कहानी...

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बंद घर में मिलीं परिवार के चार सदस्यों की लाशें

मामला रंगपुर शहर के मछुआपाड़ा इलाके का है। यहां 22 अगस्त, शनिवार की रात एक बंद घर से चार शव बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक गणपति चक्रवर्ती (65) का शव छत पर, पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50) और बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) का शव सीढ़ियों के पास, जबकि बेटे प्रियम (12) का शव कमरे में पलंग के नीचे मिला।

परिवार से कई घंटों तक संपर्क नहीं होने के बाद रिश्तेदारों को चिंता हुई। शनिवार रात घर से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और घर खोलकर शव बरामद किए गए। गणपति पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी बेटी आगामी ने अंग्रेजी विषय में मास्टर्स किया था, जबकि बेटा प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में पढ़ता था।

छत पर याबा ले रहे थे आरोपी, शिक्षक ने देखा तो गमछे से घोंटा गला

पुलिस के मुताबिक, घटना 20 अगस्त की रात शुरू हुई। मुग्ध और सिद्धार्थ पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों वहां याबा नामक नशीली दवा का सेवन कर रहे थे। गणपति ने छत से आवाज सुनी तो वह ऊपर पहुंचे और दोनों युवकों से वहां मौजूद होने का कारण पूछा। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी इलाके में गणपति को पहले से जानते थे और उन्हें 'सर' कहकर बुलाते थे। पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने गणपति के कंधे पर रखे गमछे से उनका गला घोंट दिया। पुलिस के मुताबिक, गणपति ने बचने की कोशिश की, जिससे शोर हुआ। आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता ऊपर जाने लगीं। आरोप है कि सीढ़ियों पर ही कपड़े से उनका गला घोंट दिया गया।

मां-बाप के बाद बेटी और 12 साल के बेटे को भी मार डाला

पुलिस के मुताबिक, हत्या का सिलसिला यहीं नहीं रुका। गणपति और प्रीतिलता की हत्या के बाद उनकी बेटी आगामी को भी निशाना बनाया गया। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात 12 वर्षीय प्रियम की हत्या को लेकर सामने आई है। पुलिस का दावा है कि प्रियम आरोपियों को पहचानता था। वह सिद्धार्थ के छोटे भाई का दोस्त था और आरोपियों को डर था कि बच्चा उनकी पहचान उजागर कर सकता है। इसी आशंका में उसकी भी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार चारों की हत्या गला घोंटकर की गई।

हत्या के बाद भागे नहीं, घंटों घर में ही रहे

इस मामले की सबसे हैरान करने वाली कड़ी हत्या के बाद का घटनाक्रम है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के बाद तुरंत घर से नहीं निकले। जांच में दावा किया गया कि दोनों आरोपी करीब 6 से 7 घंटे तक घर के अंदर रहे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर याबा का सेवन किया, घर में रखे खजूर और खीरे खाए और बाद में स्नान भी किया। पुलिस को घर से इन गतिविधियों के कथित सुराग मिले हैं।

पुलिस ने बताया कि घर से ऐसे सबूत भी मिले, जिनसे जांचकर्ताओं को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। कुछ चूड़ियों को आग में तपाए जाने के निशान भी मिले थे, जिससे जांचकर्ताओं ने सोने के काम से जुड़े व्यक्ति की भूमिका पर भी ध्यान दिया।

खजूर-खीरे से लेकर सोने की चूड़ियों तक, ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक

रंगपुर पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में महानगर पुलिस, डिटेक्टिव ब्रांच और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट समेत कई एजेंसियां शामिल हुईं। जांचकर्ताओं ने घर से मिले अलग-अलग सुरागों को जोड़कर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, मुग्ध दास और सिद्धार्थ दास को 23 अगस्त तड़के हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

बांग्लादेश संगबाद संस्था (BSS) के मुताबिक, पुलिस ने दावा किया है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की। उनके पास से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किया गया सामान और लूटे गए सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। हालांकि, आरोपियों का कथित इकबालिया बयान जांच का हिस्सा है और मामले में अंतिम दोष अदालत के फैसले के बाद ही तय होगा।

पहले लूट की आशंका, फिर सामने आया हत्या का मकसद

शुरुआत में पुलिस को घर के अंदर सामान बिखरा मिलने और पैसे व कीमती सामान रखने वाली जगहों से छेड़छाड़ के कारण लूट की आशंका हुई थी। घटनास्थल से बिजली कनेक्शन काटे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। लेकिन बाद की जांच में पुलिस ने दावा किया कि परिवार को निशाना बनाए जाने की मुख्य वजह छत पर याबा का सेवन करते पकड़े जाने का डर थी। पुलिस ने यह भी कहा है कि परिवार की किसी के साथ ज्ञात दुश्मनी या विवाद नहीं था।

कौन थे गणपति चक्रवर्ती और उनका परिवार?

गणपति चक्रवर्ती 65 वर्ष के सेवानिवृत्त शिक्षक थे और रंगपुर जिला स्कूल में पढ़ाते थे। पिछले साल 31 दिसंबर को उन्होंने शिक्षक पद से रिटायरमेंट लिया था। सेवानिवृत्ति के बाद वह होम्योपैथिक चिकित्सा से भी जुड़े थे। उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती की उम्र करीब 50 वर्ष थी। बेटी आगामी चक्रवर्ती उच्च शिक्षा हासिल कर चुकी थीं, जबकि बेटा प्रियम करीब 12 साल का था और रंगपुर जिला स्कूल में पढ़ता था। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार पिछले कुछ सालों से इलाके में रह रहा था। गणपति को शांत और मिलनसार व्यक्ति बताया गया है।

पुलिस की जांच में अब क्या सामने आया?

पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह और घटनाक्रम को लेकर जांच में काफी प्रगति हुई है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल सामान और लूटे गए आभूषण भी बरामद किए हैं। फिलहाल मामले में पुलिस के दावों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम सामने आया है। अदालत में आरोपों की पुष्टि और दोष तय होना अभी बाकी है।