सीतामढ़ी समाहरणालय के परिचर्चा भवन में GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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यह कार्यक्रम सरकारी कार्यालयों में सामग्री और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियमानुकूल बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने की, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
वित्त विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में निदेशालय से प्रतिनियुक्त प्रशिक्षक सत्यम कुमार ने जानकारी दी।


ऑनलाइन और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दी गई
उन्होंने जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के साथ-साथ संबंधित चेकर और मेकर को GeM पोर्टल के माध्यम से सामग्री एवं सेवाओं की ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रतिभागियों को पोर्टल के प्रावधानों के साथ-साथ ऑनलाइन और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम रिची पाण्डेय ने GeM पोर्टल को सरकारी खरीद में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नियमानुकूल प्रक्रिया सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
उन्होंने जोर दिया कि जिस प्रकार कोई व्यक्ति अपने परिवार के खर्च में आवश्यकता और मितव्ययिता का ध्यान रखता है, उसी तरह सरकारी कार्यालयों में भी हर खरीदारी से पहले इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
विशेष सावधानी बरतने का भी निर्देश दिया
डीएम ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण में मिली जानकारी का कार्यालयीन कार्यों में प्रभावी ढंग से उपयोग करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि GeM पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री और सेवाओं की खरीद नियमानुसार इसी पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए।
डीएम ने GeM पर किसी सामग्री या सेवा की खरीद के लिए विशिष्टताओं (Specifications) को तय करते समय विशेष सावधानी बरतने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विशिष्टताएँ किसी खास आपूर्तिकर्ता को ध्यान में रखकर निर्धारित नहीं होनी चाहिए।
इन्हें इस तरह तय किया जाना चाहिए कि अधिक से अधिक योग्य और सक्षम आपूर्तिकर्ता निविदा या बोली प्रक्रिया में भाग ले सकें।
उन्होंने आगे कहा कि अधिक प्रतिस्पर्धा होने से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी।
डीएम ने यह भी बताया कि वर्तमान में GeM पोर्टल के माध्यम से खरीद की प्रक्रिया राज्यस्तरीय कार्यालयों से संचालित की जा रही है, और भविष्य में इसे मुफस्सिल स्तर के कार्यालयों में भी लागू किया जाएगा।