
फ्री गिफ्ट का ऑफर देखकर तुरंत न करें क्लिक, सोशल मीडिया पर चल रहा Giveaway Scam
आजकल सोशल मीडिया पर आए दिन नए-नए Giveaway देखने को मिलते हैं. कभी महंगा फोन जीतने का मौका, कभी कैश प्राइज, तो कभी शॉपिंग वाउचर का लालच दिया जाता है. देखने में ये ऑफर बेहद आकर्षक लगते हैं, लेकिन हर Giveaway असली नहीं होता. कई बार स्कैमर्स इसी लालच का फायदा उठाकर लोगों की निजी जानकारी और पैसे चुराने की कोशिश करते हैं.
कैसे शुरू होता है Giveaway Scam?
मान लीजिए आपको Instagram, Facebook या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट दिखाई देती है, जिसमें लिखा है आपने Giveaway जीत लिया है. इसके बाद आपसे कहा जाता है कि इनाम पाने के लिए एक लिंक पर क्लिक करें या छोटा-सा फॉर्म भरें.
यहीं से असली खेल शुरू हो सकता है. फर्जी लिंक आपको ऐसी वेबसाइट पर ले जा सकता है, जो बिल्कुल किसी जानी-पहचानी कंपनी या ब्रांड की वेबसाइट जैसी दिखती है. वहां आपसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक से जुड़ी जानकारी या दूसरी निजी डिटेल मांगी जा सकती है.
OTP मांगे तो तुरंत रुक जाएं
स्कैमर्स कई बार कहते हैं कि इनाम आपके खाते में भेजने के लिए OTP चाहिए. याद रखें, OTP किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. बैंक, पेमेंट ऐप या कोई भरोसेमंद संस्था आपसे फोन या चैट पर आपका OTP बताने के लिए नहीं कहती.
इसी तरह अगर कोई Giveaway आपसे पहले पैसे जमा करने को कहता है, जैसे ₹99 की फीस दें, टैक्स भरें या डिलीवरी चार्ज जमा करें, तो सावधान हो जाएं. इनाम पाने के नाम पर पैसे मांगना बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है.
फर्जी Giveaway को कैसे पहचानें?
सबसे पहले Giveaway कराने वाले अकाउंट को ध्यान से देखें. क्या अकाउंट नया है? क्या उसके फॉलोअर्स और पोस्ट संदिग्ध लग रहे हैं? क्या प्रोफाइल पर कंपनी का आधिकारिक वेरिफिकेशन या सही जानकारी मौजूद है?
इसके अलावा पोस्ट में दिए गए लिंक को बिना जांचे क्लिक न करें. अगर किसी बड़े ब्रांड के नाम पर Giveaway है, तो उसके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट या वेबसाइट पर जाकर ऑफर की जानकारी चेक करें. जल्दी करें, ऑफर सिर्फ 10 मिनट के लिए है जैसे मैसेज से भी सावधान रहें. स्कैमर्स अक्सर जल्दी फैसला करवाने की कोशिश करते हैं, ताकि आपको सोचने या जांच करने का मौका न मिले.
गलती हो जाए तो क्या करें?
अगर आपने गलती से कोई निजी जानकारी शेयर कर दी है या पैसे भेज दिए हैं, तो तुरंत अपने बैंक या पेमेंट सर्विस को जानकारी दें. पासवर्ड भी बदलें और जहां संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें.भारत में साइबर फ्रॉड होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करना और साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करना मददगार हो सकता है.
याद रखें, फ्री गिफ्ट की खुशी में अपनी सेफ्टी को दांव पर न लगाएं. Giveaway असली है या नकली, यह जांचने में कुछ मिनट लग सकते हैं, लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही आपका पैसा और निजी जानकारी दोनों खतरे में डाल सकती है.
यह भी पढ़ें- पासवर्ड नहीं, अब ये तरीका करेगा अकाउंट की सुरक्षा! जानें कैसे करता है काम
बैटरी की टेंशन होगी खत्म! Tecno Spark Go 3 Pro में मिल सकती है 5,100mAh की पावर

आयुषी चतुर्वेदी
आयुषी चतुर्वेदी tv9hindi.com में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हैं. यहां बिजनेस ऑटोमोबाइल के अलावा टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती हैं. इससे पहले ET Now Swadesh Digital में Copy Editor थीं. इन्होंने अपना करियर जागरण न्यू मीडिया के साथ शुरू किया. Ayushi ने International School of Media & Entertainment Studies (ISOMES) से बैचलर ऑफ मॉस कम्युनिकेशन की डिग्री ली है. पिछले 3 साल से ये बिजनेस ऑटो टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती आ रही हैं. इन्हें सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना काफी पंसद है. इन्होंने Auto, Tech में कई ऑनलाइन ऑफलाइन इवेंट भी कवर किए हैं. इन्हें ड्राइविंग और रिव्यू करना पसंद है. Ayushi को किताबें पढ़ने में रुचि हैं.
Read More