Global Fintech Fest 2026: UPI और डिजिटल पेमेंट में बड़े बदलाव की तैयारी, जानें क्या होगा खास

Published: Tuesday, September 8, 2026, 11:35 [IST]

मुंबई में आज से 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' की शुरुआत हो रही है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में पॉलिसी, नए प्रोडक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ऐसी अहम चर्चाएं होंगी, जो इस हफ्ते भारतीयों के डिजिटल पेमेंट, लोन और इन्वेस्टमेंट के तरीकों पर सीधा असर डाल सकती हैं। इस बार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), पेमेंट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल, UPI पर क्रेडिट लाइन और क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस (विदेशों से पैसे के लेनदेन) जैसे विषयों पर खास फोकस रहने की उम्मीद है।

जिओ वर्ल्ड सेंटर और ट्राइडेंट में आयोजित इसका उद्घाटन सत्र सिर्फ न्योता पाने वाले खास मेहमानों के लिए रखा गया है, जबकि पब्लिक सेशंस इस हफ्ते के अंत में शुरू होंगे। आयोजकों ने AI, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और 'इंडिया स्टैक' के ग्लोबल एक्सपोर्ट्स पर कई खास सत्र तैयार किए हैं। टेक और फाइनेंस की दुनिया पर नजर रखने वाले पाठकों को पहले दिन के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि कौन-से नए फीचर्स या फ्रेमवर्क इस बुधवार तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पेश हो सकते हैं।

Global Fintech Fest 2026: Key Updates on UPI, Digital Payments, and Lending Rules to Watch

पिछले साल UPI में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और कई अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर्स जुड़े थे, जिसने बार-बार PIN डालने की झंझट खत्म कर दी। वहीं, वॉइस-बेस्ड "Hello! UPI" ने बिना ऐप के भी लेनदेन को आसान बना दिया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पहले ही बैंकों के प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन को UPI से जोड़ने की मंजूरी दे चुका है। अब देखना होगा कि बैंक, फिनटेक ऐप्स और मर्चेंट्स इसके कवरेज, लिमिट और रिस्क कंट्रोल को लेकर क्या नए नियम और फीचर्स सामने लाते हैं।

भारत बिल पेमेंट सिस्टम, लोन और BNPL चार्ज: ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?

भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के नए मानकों से बिलर्स की नई कैटेगरी जुड़ेगी और रिफंड व सेटलमेंट की प्रक्रिया पहले से काफी आसान हो जाएगी। 'डिजिटल लैंडिंग डायरेक्टिव्स 2025' के तहत डिस्क्लोजर, डेटा स्टोरेज और पार्टनर प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के नियम तय किए गए हैं। आज के सत्रों में नियमों में बदलाव के बजाय एक्सपर्ट्स की चर्चाएं देखने को मिलेंगी। हालांकि, ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी ट्रांजैक्शन करने से पहले 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) या EMI कन्वर्जन पर लगने वाले सालाना ब्याज (APR), फोरक्लोजर चार्ज और हिडन फीस की अच्छी तरह जांच कर लें।

क्रॉस-बॉर्डर UPI और रेमिटेंस: विदेशी लेनदेन और करेंसी ट्रांसफर में क्या बदलेगा?

भारत ने हाल ही में कंबोडिया में UPI सेवाओं का विस्तार किया है और मलेशिया के DuitNow के साथ भारत-मलेशिया QR इंटरऑपरेबिलिटी का ऐलान किया है। एनपीसीआई (NPCI) और जे.पी. मॉर्गन (J.P. Morgan) मिलकर UPI लेनदेन के लिए रियल-टाइम फॉरेन एक्सचेंज (FX) रेट्स देने वाले प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में पेश किए गए 'UPI वन वर्ल्ड' वॉलेट ने विदेशी पर्यटकों के लिए भारत में खर्च करना आसान बना दिया था। सम्मेलन में नए देशों के साथ कनेक्टिविटी, फॉरेक्स मार्जिन में स्पष्टता और छोटे कारोबारियों (SME) के लिए गाइडलाइंस पर अपडेट्स मिलने की उम्मीद है।

डेट म्यूचुअल फंड्स और लिक्विडिटी इंफ्रास्ट्रक्चर: निवेशकों के लिए क्या है खास?

इवेंट के एजेंडे में देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई सेशंस शामिल हैं। कॉरपोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (CDMDF) और कॉरपोरेट डेट के लिए नई गारंटी स्कीम जैसे बैकस्टॉप मैकेनिज्म का मुख्य उद्देश्य सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी (नकदी) को स्थिर बनाना है। लिक्विड, मनी मार्केट और टारगेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने वाले लोगों को सेटलमेंट, रेपो और मार्केट पार्टिसिपेशन से जुड़े संभावित सुधारों पर नजर रखनी चाहिए।

Story first published: Tuesday, September 8, 2026, 11:35 [IST]

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