Sep 07, 2026 04:24 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • Gold: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर अब भारत के गोल्ड इंपोर्ट के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है
  • मई में पीएम मोदी ने भारतीयों से सोना खरीदने पर दोबारा विचार करने की अपील की थी
Gold Import

Gold: लगातार चार महीनों में देश में सोने के आयात में गिरावट दर्ज की गई।

Gold: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर अब भारत के गोल्ड इंपोर्ट के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। मई में पीएम मोदी ने भारतीयों से सोना खरीदने पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद लगातार चार महीनों में देश में सोने के आयात में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि इस गिरावट की पूरी वजह सिर्फ प्रधानमंत्री की अपील को नहीं माना जा सकता।

मई से लगातार गिरता गया सोने का आयात

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मई में भारत ने करीब 29.4 टन सोना आयात किया, जो पिछले साल के इसी महीने के 30.6 टन के मुकाबले करीब 4% कम था। इसके बाद जून में आयात 20% घटा। जुलाई में गिरावट बढ़कर 23.7% और अगस्त में करीब 30% तक पहुंच गई। यानी मई के बाद महज चार महीनों में सोने के आयात में गिरावट लगातार गहरी होती गई। यही वजह है कि अब सरकार और बुलियन इंडस्ट्री की नजर सितंबर के आंकड़ों पर है।

15% टैक्स ने भी बदली तस्वीर

लेकिन यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। सोने की खरीद में कमी और आयात में गिरावट का कारण सिर्फ मोदी की अपील नहीं है। मई में सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 6% से 15% कर दी थी। इसका सीधा असर आयातित सोने की कीमत पर पड़ा और सोना खरीदना महंगा हो गया। इसके अलावा घरेलू बाजार में सोने की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। महंगा सोना आम ग्राहकों की खरीदारी पर असर डाल रहा है और इसका असर आयात पर भी पड़ता है।

31,000 टन सोना घरों में पड़ा!

सरकार की चिंता सिर्फ आयात बिल तक सीमित नहीं है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना ग्राहकों में शामिल है और देश में घरों और संस्थानों के पास अनुमानित 31,000 टन सोना मौजूद है। सरकार चाहती है कि बड़ी मात्रा में निष्क्रिय पड़ा यह सोना अर्थव्यवस्था में वापस आए और उत्पादक इस्तेमाल में लिया जाए। भारत हर साल करीब 700-900 टन सोना आयात करता है। इसलिए आयात में लगातार गिरावट से देश के व्यापार घाटे और चालू खाते पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

अब सितंबर का नंबर बताएगा असली असर

दिलचस्प बात यह है कि जनवरी और फरवरी में भारत का गोल्ड इंपोर्ट जबरदस्त तेजी से बढ़ा था। जनवरी में आयात 171.6% और फरवरी में 114.3% बढ़ा था। मार्च में इसमें 34.9% की गिरावट आई, जबकि अप्रैल में फिर 30.7% की तेजी देखने को मिली। अब पीएम नरेंद्र मोदी की नई अपील के बाद सितंबर के आंकड़े सबसे अहम होंगे। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्से एसोसिएशन का अनुमान है कि सितंबर में सोने का आयात करीब 15% तक घट सकता है।