नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है. कई इलाकों में रिहायशी बस्तियां, सड़कें और पुल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है. कई इलाकों में रिहायशी बस्तियां, सड़कें और पुल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
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Photograph: (ians)
Ground Report: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है. कई इलाकों में रिहायशी बस्तियां, सड़कें और पुल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.
हताहतों और लापता लोगों की बढ़ती संख्या
आपदा के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. नेपाल में ग्राउंड जीरो से मौजूद न्यूज नेशन के संवाददाता सैयद आमिर के मुताबिक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जमीनी सूत्रों का अनुमान है कि मलबे से लगातार शव निकाले जाने के कारण यह आंकड़ा बढ़ सकता है. कई शवों की हालत इतनी गंभीर है कि उनकी शिनाख्त करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है. आपदा में लगभग 1,500 लोग घायल हुए हैं, जिनका नजदीकी चिकित्सा शिविरों और अस्पतालों में इलाज जारी है. सबसे बड़ी चिंता लापता लोगों की संख्या को लेकर है, जो बढ़कर लगभग 2400 के करीब तक पहुंच गई है, जो कि लगातार बढ़ती ही जा रही है. लगातार बारिश और दुर्गम रास्तों के कारण लापता लोगों से संपर्क साधना बेहद कठिन हो रहा है.वहीं इस त्रासदी में करीब 93 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.
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राहत और बचाव कार्यों में तेजी
प्राकृतिक आपदा के बीच रेस्क्यू टीमों ने अब तक 1,545 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इस व्यापक अभियान में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों में लगभग 550 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 180 भारतीय भी हैं. इसके अलावा नेपाल सेना के 45 जवान और पुलिस के 41 कर्मी भी आपदा प्रभावित दायरे में आए हैं. भारत की ओर से भी बचाव और राहत सामग्री पहुंचाने में अहम सहयोग दिया जा रहा है.
— News Nation (@NewsNationTV) August 29, 2026
कृत्रिम झीलों और मौसम ने बढ़ाई चुनौती
बचाव कार्य के दौरान एक नया और गंभीर खतरा सामने आया है. भारी मलबे और चट्टानों के गिरने से प्रभावित क्षेत्र में करीब 6 प्राकृतिक या कृत्रिम झीलें बन गई हैं. यदि इन झीलों के पानी का दबाव बढ़ता है या वे अचानक टूटती हैं, तो निचले इलाकों में एक बार फिर भयानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में अगले 48 घंटों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रह सकती है. खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश से भारी मशीनरी और रेस्क्यू टीमों के संचालन में बाधा आ रही है. प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों पर स्थानांतरित होने के निर्देश दिए हैं.
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