हरिद्वार कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार से अधिक हो गई है। डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने देर रात बैरागी कैंप पहुंचकर सुरक्षा व बिजली व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हरिद्वार, 8 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Haridwar Kanwar Yatra : धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेला अपने चरम पर है। शुक्रवार शाम गंगा आरती के समय तक गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों की कुल संख्या 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार दर्ज की गई।
मेले के बढ़ते दबाव को देखते हुए डाक कांवड़ वाहनों की एंट्री शुरू करा दी गई है। सभी डाक कांवड़ वाहनों को बिना किसी रुकावट के सीधे बैरागी कैंप पार्किंग क्षेत्र में भेजा जा रहा है।
व्यवस्थाओं का आंखों देखा हाल जानने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर खुद देर रात बैरागी कैंप पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी पार्किंग का पैदल गश्त कर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने सीधे श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित किया। हरियाणा से आए कांवड़ियों के दल के पास पहुंचकर अधिकारियों ने पार्किंग की सुविधाओं और पुलिस व्यवहार पर सीधा फीडबैक मांगा।
कांवड़ियों ने हरिद्वार प्रशासन द्वारा पार्किंग स्थलों पर की गई बिजली और पानी की व्यवस्था पर संतोष जताया। शिवभक्तों ने बेहद आत्मीयता दिखाते हुए मौके पर ही अधिकारियों को गर्म चाय और नमकीन पेश की।
बातचीत के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ियों के बर्तन की ओर इशारा करते हुए मुस्कुराकर पूछा कि आज रात के खाने में क्या बन रहा है। कांवड़ियों ने जवाब दिया कि मटर पनीर और चावल की तैयारी है।
कप्तान ने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर ऐसा मेन्यू है तो वह भी यहीं अपनी कुर्सी डाल लेते हैं। इस अनौपचारिक बातचीत से वहां मौजूद शिवभक्तों का उत्साह काफी बढ़ गया।
कांवड़ियों के दल ने बताया कि वे डाक कांवड़ से आए हैं और गंगाजल भरकर तुरंत अपने गृह राज्य के लिए रवाना होंगे। अधिकारियों ने शिवभक्तों को शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा पूरी करने का निर्देश दिया।
डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या समस्या पर निकटतम पुलिसकर्मी को तुरंत सूचित करें। हुड़दंग फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ मार्गों और सीमावर्ती इलाकों को जगमगाने के लिए विशेष लाइटिंग योजना लागू की गई है। नारसन बॉर्डर प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग तक चमकीली एलईडी लाइटें बिछाई गई हैं।
मार्गों, पार्किंग स्थलों, अस्थायी शिविर क्षेत्रों और गंगा घाटों पर पर्याप्त रोशनी के इंतजाम किए गए हैं। रात्रिकालीन आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए विद्युत विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि महाशिवरात्रि का मुख्य पर्व आते-आते श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। दोपहिया वाहनों और पैदल आने वाले कांवड़ियों का तांता लगातार बना हुआ है।