सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तराखंड के हरिद्वार में इस बार कांवड़ यात्रा ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार शाम तक करीब 4.43 करोड़ शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर लौट चुके हैं।
श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
- Published: 11 Aug 2026, 09:37 AM IST
- Last Updated: 11 Aug 2026, 09:38 AM IST
श्रावण मास की शिवरात्रि के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। 30 जुलाई से शुरू हुई 15 दिवसीय कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में रिकॉर्ड आंकड़े दर्ज करा रही है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम तक करीब 4.43 करोड़ कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। केवल सोमवार को ही एक ही दिन में 63.60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल उठाया, जिससे पूरी धर्मनगरी 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठी।
भगवान शिव के ससुराल दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी भीड़, देर रात से लगी कतारें
यूं तो हरिद्वार के सभी प्रमुख स्नान घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है, लेकिन कनखल स्थित भगवान शिव के ससुराल 'दक्षेश्वर महादेव मंदिर' में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का आशीर्वाद और जलाभिषेक करने के लिए मंदिर परिसर में देर रात से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालु अनुशासित रूप से अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान आशुतोष का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक कर रहे हैं।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम, कांवड़ मार्गों पर पैरामिलिट्री और पुलिस बल तैनात
श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। क्षेत्र अधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे कांवड़ मार्ग और मंदिर परिसरों में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां तैनात की गई हैं।
पुलिस और सीएपीएफ (CAPF) के जवान 24 घंटे गश्त कर रहे हैं, ताकि कांवड़िए और अन्य श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से जलाभिषेक कर सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर लौट सकें।
यातायात सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन, घर से निकलने से पहले एडवाइजरी देखने की अपील
कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। कांवड़ियों की सुगम आवाजाही और आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है।
शहर के प्रमुख चौराहों और हाईवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ-साथ मार्ग बदले गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आम यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य जांच लें।