Published: Saturday, August 22, 2026, 21:50 [IST]
Jadavpur University Campus Violence: जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसा का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। 21 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले में तुरंत सुनवाई की मांग वाली याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। याचिका में कैंपस में बिगड़े हालात को देखते हुए कानून-व्यवस्था बहाल कराने के लिए तत्काल न्यायिक दखल की मांग की गई थी।
मामला फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (FETSU) की वार्षिक आम बैठक के बाद दो छात्र गुटों के बीच हुई झड़प से जुड़ा है। हिंसा के दौरान कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी की विधायक सरबरी मुखर्जी ने खुद पर हिंसा भड़काने के आरोपों को खारिज किया है। वहीं भाजपा ने भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से खुद को अलग बताया है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतारूप बनर्जी की खंडपीठ के सामने हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने मौजूदा हालात को देखते हुए तुरंत सुनवाई की मांग की। उन्होंने इस याचिका को जादवपुर यूनिवर्सिटी से जुड़े पहले से चल रहे मामले के साथ जोड़ने की भी अपील की। हालांकि, कोर्ट ने दोनों मांगों को स्वीकार नहीं किया। पीठ ने वकील से कहा कि वह मौजूदा समस्या को लेकर नई याचिका दाखिल करें। वकील ने यूनिवर्सिटी परिसर में आग लगने के वीडियो का भी हवाला दिया था।
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कैंपस में कैसे बढ़ा तनाव?
तनाव की शुरुआत FETSU की वार्षिक आम बैठक के बाद हुई। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े ABVP और वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठनों के बीच टकराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा और कैंपस में बाहरी लोगों को लाने के आरोप लगाए। झड़प में कई छात्र घायल हुए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने घटना की जांच के लिए समिति बनाने की बात कही है। साथ ही शाम के बाद बाहरी लोगों की कैंपस में एंट्री सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ABVP कार्यकर्ताओं पर पोस्टर जलाने का आरोप
20 अगस्त की सुबह ABVP के कुछ कार्यकर्ताओं के यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचने का आरोप लगा। आरोप है कि उनके हाथों में डंडे और लाठियां थीं। बताया गया कि उन्होंने वामपंथी छात्र संगठन के पोस्टर फाड़े और मुख्य प्रशासनिक भवन अरविंदो भवन के प्रवेश द्वार पर पोस्टरों में आग लगा दी। इस घटना के बाद कैंपस का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
भाजपा विधायक सरबरी मुखर्जी ने क्या कहा?
जादवपुर की भाजपा विधायक सरबरी मुखर्जी ने खुद पर ABVP कार्यकर्ताओं को भड़काने के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वह यूनिवर्सिटी परिसर में गई ही नहीं थीं और घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थीं। उनके मुताबिक, बुधवार रात उन्होंने जादवपुर पुलिस स्टेशन के सामने शांतिपूर्ण सभा के दौरान कुछ भाजपा युवाओं का साथ दिया था, लेकिन उसके बाद वहां से चली गई थीं। उन्होंने कहा कि वह ABVP की किसी रैली या अगले दिन हुए किसी दूसरे प्रदर्शन में शामिल नहीं हुईं। विधायक ने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज से उनकी बात साफ हो सकती है।
भाजपा ने भी ABVP से बनाई दूरी
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी ABVP को भाजपा का छात्र संगठन मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ABVP एक स्वतंत्र राष्ट्रीय छात्र संगठन है और भाजपा की शाखा के तौर पर काम नहीं करता। विधायक सरबरी मुखर्जी ने भी कहा कि भाजपा का ABVP से संबंध नहीं है और उन्होंने ABVP के किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया।
विधायक ने लगाए उल्टे आरोप
सरबरी मुखर्जी ने वामपंथी छात्र संगठनों एसएफआई (SFI) और आरएसएफ (RSF) पर ABVP कार्यकर्ताओं को कैंपस में आने के लिए उकसाने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि RSS से जुड़े एक छात्र के घायल होने के बाद यह स्थिति बनी। हालांकि, जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों की जांच अभी जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी जांच समिति बनाने की बात कही है।
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