IFSO की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से करीब 1.70 करोड़ रुपये पर लियन/होल्ड लगवाया. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से बचाने में मदद मिली.

Published byJalaj Kumar Mishra

IFSO की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से करीब 1.70 करोड़ रुपये पर लियन/होल्ड लगवाया. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से बचाने में मदद मिली.

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File Photo: (ANI)

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने Hero FinCorp Ltd. से जुड़े करीब 12.84 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए बैंक रिलेशनशिप मैनेजर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कंपनी के कॉरपोरेट बैंक खाते से बिना अनुमति कुल 317 डिजिटल ट्रांजैक्शन किए और रकम को 34 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया.

34 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम

पुलिस के अनुसार, Hero FinCorp को HDFC Bank के सिस्टम अलर्ट के जरिए अपने कॉरपोरेट खाते से हुए अनधिकृत ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली थी. जांच में सामने आया कि कुल 12,84,09,997 रुपये को 34 प्राथमिक बैंक खातों में भेजा गया था. मामले में FIR नंबर 135/26, दिनांक 21 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल थाने में दर्ज की गई थी. इसके बाद IFSO यूनिट ने तकनीकी और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर जांच शुरू की.

1.70 करोड़ रुपये पर लगाया होल्ड

IFSO की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से करीब 1.70 करोड़ रुपये पर लियन/होल्ड लगवाया. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से बचाने में मदद मिली.

बैंक रिलेशनशिप मैनेजर समेत 5 आरोपी

जांच के बाद पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर पांच आरोपियों को पकड़ा. इनमें अभय कुमार सोलंकी, लवली, नमन कुमार, हरमन और विकास शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी नमन कुमार के बैंक खातों में करीब 1.10 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम पहुंची थी. उसका एक IndusInd Bank खाता देशभर में दर्ज 43 NCRP शिकायतों से लिंक पाया गया है.

Telegram पर चीनी ग्रुप्स से संपर्क

जांच में सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का भी पता चला है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरमन Telegram पर कई चीनी ग्रुप्स के संपर्क में था. वह राजस्थान के देवेंद्र सिंह चौहान के संपर्क में भी था. पुलिस का दावा है कि देवेंद्र सिंह चौहान ठगी की रकम को USDT में बदलकर विदेश में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था. हरमन ने नमन के बैंक खाते को कमीशन के आधार पर ऑपरेट किया और इसके बदले करीब 1.5 लाख रुपये कमीशन प्राप्त किया.

RBL Bank का रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल

पुलिस के मुताबिक, आरोपी विकास जयपुर में RBL Bank में रिलेशनशिप मैनेजर है. उसने नमन को Yes Bank और IndusInd Bank में खाते खुलवाने में मदद की और उसकी मुलाकात आरोपी हरमन से कराई. IFSO की कार्रवाई में पुलिस ने चेकबुक, पांच मोबाइल फोन और Property Gallery के रबर स्टांप बरामद किए हैं.

DCP IFSO गौरव त्यागी ने कहा कि जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित और कई राज्यों में फैला साइबर क्राइम नेटवर्क है, जिसमें ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए आगे ट्रांसफर किया गया और कुछ रकम को USDT के माध्यम से विदेश भेजने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि भारत और दुबई में मौजूद सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है. DCP ने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और किसी भी तरह की बैंकिंग जानकारी साझा न करें.

जांच अभी जारी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामला गंभीर, संगठित और अंतरराज्यीय प्रकृति का है. पुलिस अब सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, विदेश में मौजूद नेटवर्क और ठगी की रकम के पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है.