जिस गैंग ने कभी विनोद की आंख फोड़कर उसे 'काणा' नाम दिया था, उसी अजीत पहलवान गैंग के शूटरों ने हिसार कोर्ट परिसर में गोलियां बरसाकर उसकी जान ले ली। बरी होने का जश्न मनाने के बाद पार्किंग में पहुंचते ही हुआ हमला, कई राउंड फायरिंग से दहल उठा था इलाका।
गैंगस्टर विनोद काणा व उसके साथियों का हत्या से ठीक पहले का फोटो।
- Published: 21 Aug 2026, 04:19 PM IST
- Last Updated: 21 Aug 2026, 04:22 PM IST
हरियाणा की हिसार जिला अदालत परिसर में गुरुवार दोपहर हुए सनसनीखेज हत्याकांड के तार थुराना गांव की 18 साल पुरानी खूनी रंजिश से जुड़ गए हैं। दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारे गए कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या के पीछे अजीत पहलवान गैंग का हाथ सामने आ रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों ही आपराधिक चेहरे एक ही गांव थुराना के निवासी थे और साल 2008 से उनके बीच वर्चस्व की भीषण जंग चली आ रही थी।
रंजिश में गई थी आंख, मिली थी 'काणा' की पहचान
गैंगवार के शुरुआती दौर में अजीत गैंग द्वारा किए गए जानलेवा हमले में विनोद पानू की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई थी। इसके बाद से ही अपराध जगत और क्षेत्र में उसे 'काणा' के नाम से जाना जाने लगा।
इस वाकये के बाद दोनों पक्षों के बीच अदावत और गहरा गई और कई निर्दोषों व गुर्गों की जानें गईं। संयोग से दोनों ही हाल में जमानत पर जेल से बाहर आए थे; अजीत करीब दो माह पूर्व छूटा था, तो विनोद भी करनाल जेल से रिहा होकर बाहर आया था।
बरी होने की खुशी में बनाई रील्स
हत्याकांड से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें विनोद काणा अपने 11 अन्य साथियों के साथ महंगी गाड़ियों के काफिले में सवार होकर हिसार कोर्ट पहुंचता दिख रहा है, 5 नवंबर 2021 को बधावड़ गांव के रामअवतार पर हुई गोलीबारी के मामले में विनोद और उसके सभी साथी बरी हुए थे।
इसी जीत का जश्न मनाते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम पर फोटो और वीडियो डाले थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि इन्हीं पोस्ट्स के जरिए शूटरों को उसकी लोकेशन का सुराग मिला था। जान के खतरे की आशंका के चलते विनोद अपनी लग्जरी गाड़ी कोर्ट परिसर के भीतर ले जाना चाहता था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर ही रोक दिया था।
15 से अधिक गोलियां बरसाकर फैलाई दहशत, 6 गोलियां लगने से मौत
दोपहर लगभग दो बजे जैसे ही विनोद काणा अपने साथियों संग कागजी कार्रवाई निपटाकर पार्किंग की तरफ बढ़ा, पहले से घात लगाकर बैठे दो नकाबपोश शूटरों ने ताबड़तोड़ 14 से अधिक राउंड फायरिंग कर दी। विनोद को दो गोलियां चेहरे सहित कुल 6 गोलियां लगीं। उसके दो साथी हांसी का रविंद्र और भिवानी का योगेश भी गोलियों के छर्रे लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लहूलुहान हालत में साथी सभी को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया।
साहसी साथियों ने दबोचा कैब ड्राइवर शूटर, पुलिस ने ली 3 दिन की रिमांड
फायरिंग के दौरान भगदड़ मचने पर एक शूटर भागते वक्त फिसलकर गिर पड़ा। विनोद के साथियों ने पैर में गोली लगने के बावजूद उसे दबोच लिया और धुनाई कर दी। पकड़े गए आरोपी की पहचान राकेश निवासी खरड़ के रूप में हुई है, जो दिल्ली में कैब चलाता है और उस पर 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हिसार SP सिद्धांत जैन ने बताया कि कोर्ट में पेश कर आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसपी ने बताया कि मृतक विनोद पर हत्या व लूट जैसे 31 संगीन मामले दर्ज थे। सुरक्षा चूक के बाद अब हिसार कोर्ट की चौकसी बढ़ा दी गई है, मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं और बंद पड़ी कोर्ट चौकी को दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है।
