भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से स्क्रैप परिवहन के दौरान लोहा चोरी के मामले में हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के सुपरवाइजर अखिलेश कुमार तिवारी को अग्रिम जमानत मिल गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिलाई-3 भानु प्रताप सिंह त्यागी की अदालत ने 23 सितंबर 2026
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कोर्ट ने केस डायरी और पुलिस के प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद कहा कि अखिलेश की अपराध में प्रत्यक्ष संलिप्तता का कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आया है।

पुलिस बोली- स्क्रैप परिवहन की निगरानी करते थे
पुलिस के मुताबिक, अखिलेश तिवारी HTC में सुपरवाइजर हैं और उनके अधीन कुछ वाहन BSP में स्क्रैप परिवहन के लिए लगे हैं। जांच में उनके मामले से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने उनका बयान भी दर्ज किया है।
हालांकि पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अब तक अखिलेश के खिलाफ अपराध में प्रत्यक्ष संलिप्तता या अभियोजन योग्य पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। इसी वजह से उन्हें मामले में गिरफ्तार या आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया था। पुलिस उनकी भूमिका की जांच जारी रखे हुए है।

कई सहआरोपियों को पहले ही मिल चुकी जमानत
सुनवाई के दौरान अखिलेश तिवारी की ओर से बताया गया कि, मामले में कई अन्य आरोपियों को हाईकोर्ट और सत्र न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। इनमें संजय सिंह, हिमांशु खंडेलवाल, अभय सिंह, हिमांशु भूषण मलिक, उपेंद्र उर्फ पिंटू ओझा और मनोज कुमार देवांगन समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
बचाव पक्ष ने समानता के आधार पर अग्रिम जमानत देने की मांग की। साथ ही बताया कि पुलिस जांच पूरी हो चुकी है, जरूरी साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं और अभियोग पत्र भी पेश किया जा चुका है।
जमानत के साथ 5 शर्तें
कोर्ट ने अखिलेश तिवारी को अग्रिम जमानत देते हुए कई शर्तें लगाई हैं। शर्तों का उल्लंघन होने पर अग्रिम जमानत निरस्त की जा सकती है। यह राहत पुरानी भिलाई थाने के अपराध क्रमांक 277/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में लागू होगी।
- गवाहों को डराने, धमकाने या प्रभावित करने से बचना होगा।
- जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
- विवेचक के बुलाने पर उपस्थित होना होगा।
- ट्रायल शुरू होने के बाद प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।
- मामले से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी।
24 अगस्त को HTC कार्यालय में GST की रेड
जिस HTC में अखिलेश तिवारी सुपरवाइजर हैं, उसके कार्यालय में 24 अगस्त को GST की 12 सदस्यीय टीम ने भी कार्रवाई की थी। टीम ने कंपनी के वाहनों के संचालन और कारोबार से जुड़े GST रिकॉर्ड की जांच की थी।
कंपनी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू बताए गए हैं। कंपनी के पास 1500 से अधिक ट्रक होने की जानकारी सामने आई थी। GST कार्रवाई के बाद कंपनी पर जुर्माना लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।