Aug 24, 2026 01:14 am ISTभाषा, नई दिल्ली

Follow us on Google News

share

दिल्ली समेत अन्य राज्यों में स्वाइन फ्लू बढ़ते मामलों के बीच ICMR ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं आया है। मौजूदा वैक्सीन इस पर कारगर है। 

swine flu

दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है।

दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर के सूत्रों ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि एच1एन1 का कोई नया स्वरूप सामने नहीं आया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को खास सावधानियां बरतनी चाहिए क्योंकि इनके लिए जोखिम ज्यादा हो सकता है।

कोई नया स्ट्रेन नहीं, कारगर है वैक्सीन

ICMR के सूत्रों ने कहा कि H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है। अभी जो इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन फैल रहा है उसके लिए सुझाई वैक्सीन कारगर है। मौजूदा स्ट्रेन टीके में शामिल स्वरूप से अच्छी तरह से मेल खाते हैं। H1N1 सहित मौसमी इन्फ्लूएंजा आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। इसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। अधिकांश संक्रमित लोग सही देखभाल से ठीक हो जाते हैं।

इस वायरस जैसा है मौजूदा स्ट्रेन

हालांकि, सूत्रों ने सचेत किया कि छोटे बच्चों, बुजुर्ग और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे में इन लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। ICMR के सूत्रों ने बताया कि देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) पीडीएम09 वायरस का संबंध ए/मिसौरी/11/2025 (एच1एन1) पीडीएम09 जैसे वायरस के स्ट्रेन से है। ये वायरस 2025 से ही फैल रहे हैं।

हालात पर पैनी नजर, मास्क पहनने की सलाह

सूत्रों ने कहा कि यदि लक्षण लगातार बने रहते हैं और गंभीर हो जाते हैं तो समय पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि फैल रहे संक्रमण की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। इस साल दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 2300 तक पहुंच गई है। इस बीच दिल्ली सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने, भीड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और समय पर डॉक्टरी सलाह लेने को कहा गया है।

साबुन से धोते रहें हाथ

दिल्ली सरकार ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढकें, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने के साथ ही सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को आंखों और नाक को छूने से बचने को कहा गया है। लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )

संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें

Hindi Newsएनसीआर Newsस्वाइन फ्लू के संक्रमण किन्हें सबसे ज्यादा खतरा; पहनें मास्क, क्या बोला ICMR?

See Less