Jul 29, 2026 04:53 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Nishikant Dubey on Rahul Gandhi Idiot statement: भाजपा के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा- 'राहुल गांधी आप अपने आपको भी Idiot नहीं कह सकते।' जानिए निशिकांत दुबे और राहुल गांधी ने क्या कहा है।

राहुल गांधी और निशिकांत दुबे
Nishikant Dubey on Rahul Gandhi Idiot statement: लोकसभा में बुधवार को लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। राहुल गांधी द्वारा इन शब्दों के इस्तेमाल पर भाजपा ने जमकर विरोध किया। इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा- 'राहुल गांधी आप अपने आपको भी Idiot नहीं कह सकते।' जानिए आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा। इसके साथ जानिए निशिकांत दुबे और राहुल गांधी ने क्या कहा है।
निशिकांत दुबे ने क्यों कही यह बात?
सबसे पहले बात करते हैं निशिकांत दुबे की। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा- 'ये हाउस नियम-कानून से चलता है। नियम 117 और 132 ये बताता है कि कोई भी सांसद केवल बिल पर ही बोलेगा। राहुल गांधी अपने आपको भी Idiot नहीं कह सकते हैं। Idiot इन्होंने छात्रों को कहा है। इसके बाद सदन के कामकाज को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया।
निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा…
सदन से बाहर निकलने पर निशिकांत दुबे ने एक्स पर किए गए ट्वीट में लिखा- लोकसभा की नियम प्रकिया तथा परम्परा के अनुसार राहुल गांधी जी अपने आप को भी Idiot नहीं कह सकते। आज लोकसभा में तो उन्होंने सभी छात्रों को ही Idiot कह दिया। सदन में हुई इन बयानबाजी पर जमकर हंगामा हुआ। अब जानिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आखिर क्या कहा था, जिसका विरोध भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने कर दिया।
राहुल गांधी ने आखिर क्या कहा था?
दरअसल, राहुल गांधी ने इससे पहले विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा था- हाल ही में उनकी कुछ छात्रों से बात हुई है। इनमें एक 18 साल की छात्रा भी शामिल थी। प्रश्नपत्र लीक की लगातार घटनाओं से युवाओं में गहरी निराशा है। बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रा ने लोगों की तीन श्रेणियां बताई थीं- पहला सामान्य छात्र, दूसरे ईडियट और तीसरे अंधभक्त। ईडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भाजपा सांसदों ने जमकर विरोध किया और मामला इतना बिगड़ गया कि लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया।
अक्ष्यक्ष ओम बिरला बोले, मैं इन शब्दों को हटाऊंगा
हंगामे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा "विपक्ष के नेता के पद की अपनी गरिमा होती है और उन्हें उसी के अनुरूप शब्दों का चयन करना चाहिए। सदन में असंसदीय शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। मैं संबंधित शब्द को कार्यवाही से हटाऊंगा ही लेकिन विपक्ष के नेता को विधेयक पर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
अक्ष्यक्ष के सवाल पर राहुल का क्या था जबाव
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह सदन में बोलते हैं, सत्ता पक्ष की ओर से व्यवधान डाला जाता है। संसदीय कार्यमंत्री बार बार बीच में उठने लगते हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ भाजपा बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाऊंगा।”
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लेखक के बारे में
Ratan Gupta
रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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