Jagdish Aphale Biography: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में चंदा चोरी विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. दरअसल, विवाद के बाद ट्रस्ट ने पहली बार किसी को सचिव पद नियुक्त किया है. जगदीश आफले को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है. वे आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र और मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े वरिष्ठ इंजीनियर हैं.

जगदीश आफले कौन हैं?

जगदीश आफले (Jagdish Aphale) महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं. वह पेशे से  इंजीनियरिंग और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के विशेषज्ञ रहे हैं. वह अयोध्या राम मंदिर निर्माण में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. मंदिर निर्माण के तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जिसे देखते हुए ही उन्हें ये नई जिम्मेदारी दी गई है. 

Ayodhya, Uttar Pradesh: Ram Mandir Trust member Dinendra Das says, "Whatever decision the Trust takes will be accepted.....Jagdish Aphale said he can assist and he is currently engaged in the service of Lord Ram at the Ram Temple...." pic.twitter.com/Q8fJHdcT2n

— IANS (@ians_india) July 30, 2026

क्यों बनाया गया सचिव?

ट्रस्ट सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट ने हालिया विवादों के बाद अपने प्रशासनिक ढांचे में बदलाव शुरू किया है. जिससे उनके काम और चंदे के हिसाब में पारदर्शिता आ सके. इसी कड़ी में नए सचिव को नियुक्त किया गया है, ये ट्रस्ट के काम में बदलाव की प्रक्रिया का ही हिस्सा है. ट्रस्ट के अनुसार, आफले बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की सहायता करेंगे और वित्तीय प्रक्रियाओं सहित दैनिक प्रशासनिक कार्यों की निगरानी में भूमिका निभाएंगे. इसके अलावा बता दें कि आने वाले समय में ट्रस्ट एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अन्य पेशेवर अधिकारियों की भी नियुक्ति की जानी है.

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जगदीश आफले ट्रस्ट में क्या करेंगे?

जानकारी के अनुसार जगदीश आफले अब ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन में भी अहम भूमिका निभाएंगे. बताया जा रहा है कि उन्हें अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के साथ संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया है. बता दें हाल के महीनों में दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे. जिसके बाद  इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और अब तक कई लोग अरेस्ट हो चुके हैं. केस अदालत में विचाराधीन है. ऐसे में इस नई नियुक्ति को जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

आज गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) तदनुसार 29 जुलाई 2026 को बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने पहुँचे। प्रभु श्रीराम का नाम जपते, जयकारा लगाते और श्रद्धा के साथ नतमस्तक होते भक्तों की प्रसन्नता की कोई सीमा न थी।

On the occasion of Guru Purnima (Vyasa… pic.twitter.com/d33ZGKLm3A

— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 29, 2026

FAQ: 

सवाल 1. जगदीश आफले कौन हैं?

जवाब- जगदीश आफले पुणे के रहने वाले इंजीनियर हैं. उन्होंने IIT बॉम्बे से बीटेक और एमटेक किया है. 

सवाल 2. जगदीश आफले को सचिव क्यों बनाया गया?

जवाब- ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और वित्तीय लेन-देन में जवाबदेही बढ़ाने के लिए पहली बार सचिव का पद बनाया है. 

सवाल 3. क्या यह नियुक्ति चंदा विवाद से जुड़ी है?

जवाब- हां. यह फैसला उस समय आया है जब राम मंदिर में दान राशि के कथित चोरी के मामले की जांच चल रही है. 

सवाल 4. सचिव के तौर पर जगदीश आफले की जिम्मेदारी क्या होगी?

जवाब- जगदीश आफले मंदिर के दैनिक प्रशासन की निगरानी, ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन में संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने का काम करेंगे. 

सवाल 5. क्या जगदीश आफले ट्रस्टी भी हैं?

जवाब- नहीं। वे ट्रस्ट के पदाधिकारी होंगे, लेकिन ट्रस्ट के सदस्य नहीं होंगे. 

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राम मंदिर ट्रस्ट का गठन कब हुआ?

9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के बाद केंद्र सरकार ने 5 फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था. ट्रस्ट का उद्देश्य राम मंदिर का निर्माण, संचालन और प्रबंधन करना है.

विवाद कैसे शुरू हुआ?

हाल के महीनों में मंदिर में आने वाली नकद दान राशि के कथित गबन/चोरी के आरोप सामने आए. ट्रस्ट की शिकायत पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज हुई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा शुरू हुई. 

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