राहुल गांधी ने न्यूजनेशन से बात करते हुए कहा कि हमें कहीं भी प्रदर्शन करने नहीं दिया जा रहा है. देश के 300 सासंद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं लेकिन वे मिलने को ही राजी नहीं हैं.

राहुल गांधी ने न्यूजनेशन से बात करते हुए कहा कि हमें कहीं भी प्रदर्शन करने नहीं दिया जा रहा है. देश के 300 सासंद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं लेकिन वे मिलने को ही राजी नहीं हैं.

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Rahul Gandhi said We want to meet Gyanesh Kumar to News Nation

दिल्ली में विपक्षी गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी है. विपक्ष के 19 दलों ने दिल्ली में डेरा जमा लिया है. सभी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता आकाशवाणी भवन में धरना दे रहे हैं. इस दौरान, राहुल गांधी ने न्यूजनेशन से खास बातचीत की. 

राहुल गांधी ने न्यूजनेशन से बात करते हुए कहा कि पूरा सिस्टम भाजपा ने हाईजैक कर लिया है. हमें कहीं भी प्रदर्शन करने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश के 300 सासंद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं लेकिन वे मिलने को ही राजी नहीं हैं.

आकाशवाणी भवन में 4 घंटे से राहुल-प्रियंका का प्रदर्शन

बता दें, राहुल गांधी 4 घंटे से अधिक वक्त से दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दे रहे हैं. वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सेव डेमोक्रेसी मार्च में शामिल थे. संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस जा रहे मार्च को पुलिस ने रोक दिया, राहुल गांधी-प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर बस में भी बिठाया गया. हालांकि, वे थोड़ी देर बाद बस से उतरकर आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे बैठ गए. राहुल गांधी ने आरोप लगाए कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी में भाजपा की मदद की.

आकाशवाणी से चुनाव आयोग का दफ्तर 270 मीटर दूर

खास बात है कि आकाशवाणी से चुनाव आयोग का दफ्तर 270 मीटर ही दूर है. राहुल वहां तक जाने देने की मागं कर रहे हैं. चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले 5 दिनों में सातवां प्रदर्शन है. 

हमारे साथ 300 सांसद- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा- 300 लोकसभा और राज्यसभा के सांसद आए थे. हम चाहते थे ज्ञानेश कुमार और उनके दो चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे. पुलिस ने हमें रोका. चुनाव आयोग से 50 गज दूर बैठाकर रखा है हमें जाने नहीं दे रहे हैं. 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं. ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं. अगर जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है.