लखनऊ पुलिस और आईबी ने उज्बेकिस्तानी सेक्स रैकेट की सरगना लोला को गिरफ्तार कर लिया है। उम्र छिपाने के लिए उसने 7 बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी।
उज्बेकिस्तानी महिला लोला कायूमोवा
- Published: 12 Aug 2026, 04:07 PM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 04:38 PM IST
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देह व्यापार का इंटरनेशनल सिंडिकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तानी महिला लोला कायूमोवा को लखनऊ पुलिस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले एक साल से फरार चल रही थी। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और खुफिया एजेंसी IB की संयुक्त टीम ने उसे मैक्स अस्पताल के पास से धर दबोचा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लोला ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए प्लास्टिक सर्जरी के जरिए अपना चेहरा और पहचान पूरी तरह बदल ली थी।
जून 2025 में हुआ था रैकेट का खुलासा
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश जून 2025 में हुआ था। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने ओमेक्स अपार्टमेंट स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर अवैध रूप से रह रही नीलोफर और होलिड़ा नाम की दो उज्बेकिस्तानी युवतियों को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलासा किया था कि लोला कायूमोवा ही इन विदेशी युवतियों को लखनऊ लेकर आती है और उन्हें अवैध रूप से ठहराकर देह व्यापार का धंधा संचालित करती है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां लोला की तलाश में जुटी थीं।
फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट और 7 बार प्लास्टिक सर्जरी
पुलिस और एलआईयू LIU को गुमराह करने के लिए लोला ने एक फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट तैयार कराया था, जिसके आधार पर उसने अपने कूटरचित दस्तावेज भी बनवाए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि मैरिज सर्टिफिकेट में जिस शख्स को उसका पति बताया गया था, वह वास्तव में उसका एक कस्टमर था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 49 वर्ष की उम्र में 29 साल की दिखने और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए लोला ने अहिमामऊ स्थित मिनर्वा क्लीनिक के डॉ. विवेक गुप्ता की मदद ली। उसने अपने चेहरे, होंठ और अन्य अंगों की कुल 7 बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी।
मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस
डॉक्टर पर बिना पासपोर्ट-वीजा की जांच किए मोटी रकम लेकर सर्जरी करने और ओमेक्स के निवासी त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा के साथ मिलकर उसे शरण देने के गंभीर आरोप हैं। फिलहाल, पुलिस हिरासत में ली गई लोला से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े अन्य स्थानीय मददगारों, दलालों और बड़े नेटवर्क के चेहरों का भी जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।