IRCG की नेवल स्पेशल फोर्स एसएसएफ हॉर्मुज स्टेट में सक्रिय है. दावों के अनुसार यह विशेष बल तेज रफ्तार स्पीड बूट्स और कथित माइन लेइंग टीमों के साथ दक्षिणी शिपिंग लेन में मौजूद है.

IRCG की नेवल स्पेशल फोर्स एसएसएफ हॉर्मुज स्टेट में सक्रिय है. दावों के अनुसार यह विशेष बल तेज रफ्तार स्पीड बूट्स और कथित माइन लेइंग टीमों के साथ दक्षिणी शिपिंग लेन में मौजूद है.

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Indian ships crossed Strait of Hormuz

'होर्मुज में बंद करो हमले, वरना...' जंग के बीच अमेरिका ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी Photograph: (File)

अमेरिकी सेना ने एक सप्ताह में तीसरी बार ईरान पर हमला किया. सीज फायर टूटने के बाद से अमेरिका के निशाने पर दक्षिणी ईरान है. 8 जुलाई को अमेरिकी सेना ने होर्मुज से सटे आठ शहरों पर हमला किया था. इस हमले में मिसाइल लॉन्चिंग साइट को निशाना बनाया गया था. इसके अलावा आईआरजीसी की ड्रोन लॉन्च साइट भी तबाह कर दी थी. 9 जुलाई को अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास, हकानी और चाबार पोर्ट पर हमला किया. 

अमेरिकी सेना ने बुशहर सिरीक और ओपकेशम द्वीप पर भी हमला किया. इन हमलों में एयर डिफेंस और मिसाइल साइट टारगेट्स पर थे. हमलों की दूसरी लहर में ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. अब अमेरिकी सेना ने बीती रात ईरान पर भीषण बमबारी की है. अलग-अलग जगहों पर 140 से अधिक ठिकानों पर हमला करके ईरान को धुआधुआं कर दिया है. हालांकि अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है. उसने अमेरिका पर तगड़ा पलटवार किया है और खबर है कि उसने होर्मुज   में बारूदी जाल बुनने की तैयारी भी शुरू कर दी है.

वर्चस्व की जंग तेज हो गई

वैश्विक कारोबार के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर बारूदी बवंडर उठ रहा है. इस समुद्री गलियारे पर वर्चस्व की जंग तेज हो गई है. अमेरिका    और ईरान एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. इस बीच ईरान के विध्वंसक एक्शन   की खबर सामने आ रही है. रिपोर्ट की मानें तो ईरान एक बार फिर इस समुद्री रास्ते    पर बारूदी जाल बिछाने लगा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक आईआरजीसी की नेवल स्पेशल फोर्स एसएसएफ हॉर्मुज स्टेट में सक्रिय है. दावों के अनुसार यह विशेष बल तेज रफ्तार स्पीड बूट्स और कथित माइन लेइंग टीमों के साथ दक्षिणी शिपिंग लेन में मौजूद है. यही  वह समुद्री मार्ग है जो ओमान के जल क्षेत्र से होकर गुजरता है और अंतरराष्ट्रीय
जहाजों के लिए सबसे सुरक्षित रूट माना जाता है.

बारूदी विस्फोट का खतरा मंडरा रहा

अगर इस रिपोर्ट में किए गए दावे सच हैं तो आने वाले समय में हॉर्मुज से गुजरना खतरे से खाली नहीं होगा. एक रास्ते पर पहले से ईरान का कंट्रोल है. जबकि दूसरे समुद्री रास्ते पर कदम कदम पर बारूदी विस्फोट का खतरा मंडरा रहा होगा. इस बीच अमेरिकी मीडिया समूह की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ओमान ने बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक नया समाधान सुझाया है. ओमान के प्रस्ताव के मुताबिक हॉर्मुज स्टेट में दो अलग-अलग नियंत्रित समुद्री कॉरिडोर बनाए जाएंगे. पहला होगा दक्षिणी कॉरिडोर जो ओमान के समुद्री क्षेत्र में रहेगा. यहां जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले की तरह पूरी तरह स्वतंत्र होगी. दूसरा होगा उत्तरी कॉरिडोर जो ईरानी जल क्षेत्र से होकर गुजरेगा. इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों को पहले तेहरान से अनुमति लेनी होगी. हालांकि किसी तरह का टोल या शुल्क नहीं लिया जाएगा.

उपयुक्त व्यवस्था पर विचार विमर्श किया

रिपोर्ट के तहत इस प्रस्ताव पर मस्कट में ईरान और ओमान के बीच बातचीत भी हुई है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि दोनों देशों ने हॉर्मुज स्टेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था पर विचार विमर्श किया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष एक संभावित मीडियन लेन यानी मध्य समुद्री मार्ग खोलने पर भी चर्चा कर रहे हैं. इससे जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर तेहरान से सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करने की मांग की है कि होर्मुज में जहाजों पर हमले ईरान ने किए थे. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में किसी भी व्यापक समझौते से पहले ईरान को मौजूदा समझौतों के पालन को लेकर भरोसा पैदा करना होगा. हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ नई वार्ता शुरू करने की खबरों से इंकार किया है. ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल उसका मुख्य फोकस हॉरमुज स्टेट में समुद्री सुरक्षा और ओमान के साथ समन्वय पर है.

सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा 

जानकारों का मानना है कि अगर हॉर्मुज में सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं या समुद्री मार्गों पर प्रतिबंध लगता है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और एलएनजी इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता, तेल की कीमतों, समुद्री बीमा लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर डाल सकती है. फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सैन्य गतिविधियां और कूटनीतिक कोशिशें दोनों जारी हैं. एक ओर ईरानी स्पेशल फोर्स की कथित गतिविधियों की खबरें हैं तो दूसरी ओर ओमान दोनों पक्षों के बीच ऐसा रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है. इससे दुनिया की सबसे अहम समुद्री लाइफलाइन खुली रह सके. ऐसे में अब दुनिया की निगाहें मस्कट में जारी बातचीत और खाड़ी क्षेत्र के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है.