US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है. इस बीच ईरान की आईआरजीसी ने एक बार फिर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर घातक हमला किया है. ये हमले रविवार तड़के किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं.
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है. इस बीच ईरान की आईआरजीसी ने एक बार फिर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर घातक हमला किया है. ये हमले रविवार तड़के किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं.
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अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया करारा जवाब, IRGC ने कुवैत में US के सैन्य ठिकानों पर किया घातक हमला Photograph: (AI)
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच ताबड़तोड़ हमले जारी है. शुक्रवार को इरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. ईरान के इन हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और शनिवार को लगातार आठवें दिन ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं. अमेरिका की इस जवाबी कार्रवाई का अब ईरान ने भी पलटवार किया है.
IRGC ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
जॉर्डन में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर रविवार तड़के ताबड़तोड़ हमले किए. जिसका ईरान ने भी करारा जवाब दिया. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि ईरानी इलाके पर अमेरिकी हमलों के जवाब में उसने कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है. सरकारी ब्रॉडकास्टर के एक बयान के मुताबिक, इस्लामिक रिपब्लिक की सेना ने कहा कि उसने "कुवैत में कैंप उदैरी पर अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम एयर बेस पर पैट्रियट रडार सिस्टम और एयर सर्विलांस रडार के खिलाफ कामिकाजे ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए."
Iran strikes two key US bases in Kuwait with drones
The IRGC stated Iranian forces hit Al-Adireh camp (ammunition depot) and Al‑Salim base (Patriot radar and air defense) in the 16th phase of Operation Thunderbolt.
Al-Adireh is 104 km from Iran's border — a major support hub… pic.twitter.com/PQAJWCJt7c
— Sputnik (@SputnikInt) July 19, 2026
आईआरजीसी ने बताया कि ऑपरेशन थंडरबोल्ट के 16वें चरण में ईरानी सेना ने अल-अदिरेह शिविर (गोला-बारूद डिपो) और अल-सलीम बेस (पैट्रियट रडार और वायु रक्षा केंद्र) पर हमला किया. बता दें कि अल-अदिरेह ईरान की सीमा से 104 किलोमीटर दूर स्थित है और अमेरिकी सेना के लिए एक प्रमुख सहायता केंद्र है. अल-सलीम पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य प्रवेश का मुख्य हवाई मार्ग है.
ईरानी हमले में मारे गए अमेरिका के दो सैनिक
बता दें कि ईरान ने शुक्रवार-शनिवार की रात जॉर्डन में स्थित अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया. इन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. हालांकि अमेरिका ने अभी तक मारे गए सैनिकों की पहचान जारी नहीं की है. जॉर्डन में हुए ईरानी हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और रविवार तड़के ईरान पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इसके बाद, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने रविवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए ताकि जॉर्डन में हुए हमले में हुए नुकसान के लिए देश के रिवोल्यूशनरी गार्ड को "जल्द सजा" दी जा सके.
जंग में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही को रोकने की ईरान की क्षमता को और कम करना था. बता दें कि होर्मुज बेहद महत्वूपर्ण समुद्री मार्ग है. क्योंकि इस मार्ग से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है. बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. जबकि 430 से ज्यादा घायल हुए हैं.
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ईरान ने अंतरिम समझौते को किया रद्द
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने अंतिरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन जुलाई में फिर से दोनों देशों के बीच हमलों की शुरुआत हो गई. उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को रद्द कर दिया. साथ ही ईरान के साथ हुए एमओयू को भी रद्द कर दिया. उसके बाद अब ईरान ने भी इस एमओयू को रद्द करने का एलान कर दिया.
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