पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी। - फाइल फोटो

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा चलाए जा रहे एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। सरहद पार से चलाए जा रहे आतंकवाद के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और जालंधर देहात पुलिस की टीम ने बब्बर खालसा इंटरनेशन

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पुलिस ने जालंधर से इस आतंकी को पकड़ा है, जिसके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकी मॉड्यूल विदेशों में बैठे अपने हैंडलर्स के इशारों पर काम कर रहा था।

आरोपी के पास से 1.3 किलोग्राम हाई एक्सप्लोसिव से भरा एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) मिला है। आतंकी की अभी पहचान उजागर नहीं की गई है।

पंजाब पुलिस ने विस्फोटक से भरे इस बक्से का फोटो जारी किया है।

पंजाब पुलिस ने विस्फोटक से भरे इस बक्से का फोटो जारी किया है।

बड़े हमले की साजिश रचने की आशंका

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, इस IED में लोहे के छर्रे और बॉल बेयरिंग भी पैक किए गए थे। विस्फोटक की बनावट और मात्रा से यह साफ जाहिर होता है कि आतंकी पंजाब में हमले की साजिश रच रहे थे। इस समय रहते की गई कार्रवाई से राज्य की शांति भंग करने की एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई है और दर्जनों निर्दोष लोगों की जानें बच गई हैं।

बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर देहात के थाना पतारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और असलहा कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है।

डीजीपी ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य इस पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशों में बैठे कौन से हैंडलर्स इस साजिश के पीछे थे? इसके अलावा आरोपी को स्थानीय स्तर पर किसने मदद या लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया? और इस विस्फोटक की डिलीवरी कहां से हुई थी और इसे कहां इस्तेमाल किया जाना था?

BKI ने इन वारदातों को अंजाम दिया

  • सिख-निरंकारी संघर्ष (13 अप्रैल 1978): अमृतसर में वैशाखी के दिन अकाली कार्यकर्ताओं और निरंकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 13 सिख मारे गए। इस घटना को बब्बर खालसा के उदय का मुख्य कारण माना जाता है, जिसके बाद संगठन ने निरंकारियों और उनके समर्थकों को चुन-चुन कर निशाना बनाना शुरू किया।
  • कपूरथला रेलवे स्टेशन धमाका (1990 के दशक): 1990 के दशक की शुरुआत में BKI ने पंजाब के कई सार्वजनिक स्थानों, बसों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाकर बम धमाके किए थे, जिनमें दर्जनों आम नागरिकों की जान गई थी।
  • पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या (31 अगस्त 1995): यह पंजाब के इतिहास में BKI की सबसे सनसनीखेज वारदात थी। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय के बाहर एक आत्मघाती बम धमाके में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनके साथ 16 अन्य लोग भी मारे गए थे। इस हमले का मास्टरमाइंड BKI का आतंकी जगतार सिंह हवारा था।
  • जो बोले सो निहाल फिल्म के दौरान धमाके (22 मई 2005): नई दिल्ली के दो सिनेमाघरों (लिबर्टी और टोन) में उस समय बम ब्लास्ट किए गए, जब वहां सिख पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म जो बोले सो निहाल चल रही थी। इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। जांच में इसके तार BKI से जुड़े पाए गए।
  • पंजाब में 16 बड़े आतंकी हमले (2024-2025): अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी FBI की रिपोर्ट के अनुसार, BKI और ISI समर्थित आतंकी हैप्पी पासिया ने पिछले 2 वर्षों में पंजाब में 14 ग्रेनेड हमलों और 1 IED ब्लास्ट सहित 16 बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया या उनकी साजिश रची।
  • पटियाला ग्रेनेड हमला (2025-2026): पटियाला और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमले किए गए, जिसके मॉड्यूल का खुलासा पुलिस ने भारी मात्रा में टाइमर और डेटोनेटर बरामद कर किया था।

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