25 लाख की सालाना आय.. फिर भी फ्री में ले रहे थे राशन! BPL सूची से 5 हजार से ज्यादा फर्जी गरीबों के नाम, 5000 Fake Names of Poor People in Jabalpur

Jabalpur Fake Ration Card: 25 लाख की सालाना आय.. फिर भी फ्री में ले रहे थे राशन! BPL सूची से 5 हजार से ज्यादा फर्जी गरीबों के नाम, अब हो सकती है ये तगड़ी कार्रवाई

Modified Date: September 2, 2026 / 04:52 pm IST

Published Date: September 2, 2026 4:52 pm IST

जबलपुर। Jabalpur Fake Ration Card मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गरीबों के लिए संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। BPL सूची में शामिल ऐसे 5052 लोगों की पहचान हुई है, जो आयकरदाता होने के बावजूद गरीबों के लिए मिलने वाले मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लाभार्थियों की सालाना आय 25 लाख रुपए तक थी।

Jabalpur Fake Ration Card जिला प्रशासन ने BPL सूची में शामिल हितग्राहियों का आयकर विभाग के पोर्टल से मिलान कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए, जिनका आयकर रिकॉर्ड मौजूद था, लेकिन वे गरीब परिवारों के लिए निर्धारित राशन योजना का लाभ ले रहे थे। जांच के बाद प्रशासन ने सभी 5052 नाम BPL सूची से हटा दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से उन लोगों पर सवाल खड़े हो गए हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी सुविधा का लाभ उठा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह अपात्र लोगों के योजना से बाहर होने के बाद वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सकेगा।

डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी ने बताया कि BPL सूची के सत्यापन के दौरान यह मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि शासन से निर्देश मिलने के बाद फर्जी तरीके से योजना का लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ISRO Recruitment 2026: इसरो में 175 पदों पर निकली बंपर भर्ती, इस तारीख तक करें आवेदन, चूक गए तो दोबारा मौका नहीं मिलेगा
  • 8th Pay Commission Update: सैलरी बढ़ेगी या DA में होगा बड़ा खेल? 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई अहम ऐलान जल्द, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुलने वाला है खुशियों का पिटारा!
  • CP Radhakrishnan Raipur Visit: रायपुर दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति, एयरपोर्ट पर राज्यपाल डेका, डिप्टी सीएम समेत मंत्रियों ने किया आत्मीय स्वागत

Join Our Whatsapp Group


whatsapp_share facebook_share x

instagram

google news  youtube

लेखक के बारे में

Deepak Sahu

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।

Web Title: 5000 Fake Names of Poor People in Jabalpur

शहर की खबरें

advertisement will close in 10 seconds ×

ads