
जबलपुर पुलिस ने हत्या को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
Jabalpur News: जबलपुर में 30 साल की कविता चौधरी की सड़क हादसे में मौत को पुलिस ने हत्या बताया है. आरोप है कि पति प्रयास पांडे ने 25 लाख की LIC पॉलिसी और दूसरी बीमा पॉलिसियों से मिलने वाली रकम के लालच में पत्नी की हत्या की साजिश रची. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी पति और उसके सहायक की तलाश जारी है.
मामला जिले के पाटन थाना क्षेत्र का है. 4 सितंबर को कविता चौधरी (30) की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. उस समय मामला सामान्य एक्सीडेंट माना जा रहा था. कविता स्कूटी से जा रही थी, तभी एक लोडिंग ऑटो ने उसे टक्कर मार दी. हादसे में गंभीर रूप से घायल कविता की मौत हो गई. पुलिस ने जब मामले की जांच आगे बढ़ाई तो घटनाक्रम पर संदेह हुआ. पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों और घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों की जांच की. इसके बाद सामने आया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की गई थी.
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कई घंटे तक घात लगाकर बैठे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, कविता की हत्या के लिए आरोपी पहले से तैयार थे. वारदात के दिन आरोपी पाटन के कंतोरा-रानीताल क्षेत्र में कई घंटे तक इंतजार करते रहे. जैसे ही कविता लाल रंग की स्कूटी से वहां पहुंची, आरोपियों ने लोडिंग ऑटो से उसे टक्कर मार दी. पुलिस का कहना है कि इस पूरी वारदात के पीछे पहले से बनाई गई योजना थी. आरोपियों को कविता की पहचान के लिए उसकी फोटो भी दिखाई गई थी और बताया गया था कि वह लाल रंग की स्कूटी से आएगी.
कोर्ट के बाहर बनी थी हत्या की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, 3 सितंबर को प्रयास पांडे ने आरोपियों को पाटन कोर्ट के बाहर बुलाया था. यहां कविता की हत्या की पूरी योजना बनाई गई. पुलिस के मुताबिक, कविता को नूनसर पॉलिसी चौकी के पास किसी काम से भेजे जाने की जानकारी थी. इसी दौरान मौका देखकर उसकी हत्या करने की योजना बनाई गई. प्रयास पांडे ने अपने सहायक मानसिंह लोधी के साथ मिलकर साजिश तैयार की और इसके बाद पाटन निवासी विक्रम चौधरी, रामजी चौधरी और करिया उर्फ धनीराम चौधरी को वारदात के लिए तैयार किया.
हत्या के लिए किराए पर लिया था लोडिंग वाहन
पुलिस के अनुसार, हत्या को अंजाम देने के लिए लोडिंग वाहन की भी व्यवस्था की गई थी. आरोप है कि इसी वाहन से कविता की स्कूटी में टक्कर मारकर उसे मौत के घाट उतारा गया. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि लोडिंग वाहन को 11 महीने के एग्रीमेंट पर किराए से लिया गया था. इससे पुलिस को शक है कि वाहन का इस्तेमाल पहले से बनाई गई साजिश के तहत किया गया था. हालांकि, इस मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है.
25 लाख की LIC पॉलिसी बनी हत्या की वजह?
पुलिस के मुताबिक, कविता के नाम पर 25 लाख रुपए की LIC पॉलिसी थी. इसके अलावा उसके नाम पर दूसरी बीमा पॉलिसियां भी थीं. पुलिस का आरोप है कि पति प्रयास पांडे इन पॉलिसियों की रकम और एक्सीडेंटल डेथ क्लेम हासिल करना चाहता था. इसी लालच में उसने पत्नी की हत्या की साजिश रची.
कविता पहले एक निजी बीमा कंपनी में काम करती थी. साल 2022 में उसकी मुलाकात प्रयास पांडे से हुई थी. दोनों ने वर्ष 2024 में कोर्ट मैरिज की थी. कविता मूल रूप से नरसिंहपुर की रहने वाली थी. शादी के बाद दोनों जबलपुर के भेड़ाघाट स्थित आमाहिनोता इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे.
तीन आरोपी गिरफ्तार, पति की तलाश
पुलिस ने इस मामले में विक्रम चौधरी, रामजी चौधरी और करिया उर्फ धनीराम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं, मुख्य आरोपी पति प्रयास पांडे और उसके सहायक मानसिंह लोधी की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है. पुलिस प्रयास पांडे की तलाश कर रही है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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