Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में नवरात्रि के दौरान गरबा पंडाल में उस समय हंगामा हो गया, जब राशिद पठान और शानू खान नाम के दो युवकों के गरबा खेलने की जानकारी हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को मिली. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता पंडाल में पहुंचे और दोनों युवकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया. कार्यकर्ताओं ने गरबा आयोजकों पर बिना पहचान पत्र की जांच किए लोगों को प्रवेश देने का आरोप लगाया. इसके बाद दोनों युवकों को पकड़कर मदन महल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

गरबा पंडाल में पहुंचे संगठन के कार्यकर्ता

जानकारी के मुताबिक, जबलपुर में नवरात्रि के अवसर पर गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था. इसी दौरान राशिद पठान और शानू खान के गरबा खेलने की खबर सामने आई. इसकी जानकारी मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता गरबा पंडाल पहुंच गए. वहां उन्होंने दोनों युवकों के कार्यक्रम में शामिल होने पर विरोध जताया. देखते ही देखते पंडाल में हंगामे की स्थिति बन गई.

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बिना आईडी जांच के प्रवेश देने पर जताई नाराजगी

हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गरबा कार्यक्रम के आयोजकों पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि पंडाल में प्रवेश देने से पहले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की जानी चाहिए थी. कार्यकर्ताओं ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए गरबा आयोजनों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि आयोजकों को प्रवेश के दौरान पहचान की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए.

दोनों युवकों को पुलिस के हवाले किया

विरोध के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता दोनों युवकों को लेकर मदन महल थाने पहुंचे. वहां उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया. हिंदूवादी संगठन के नेताओं ने पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. इस घटना के बाद शहर में आयोजित गरबा कार्यक्रमों की सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

पुलिस कर रही मामले की जांच

मदन महल थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और गरबा पंडाल में प्रवेश को लेकर क्या व्यवस्था की गई थी. फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है.

शिव चौबे

शिव चौबे

शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.

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