राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर तृतीय श्रेणी शिक्षकों का दो दिवसीय आंदोलन गुरुवार शाम शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। सरकार और शिक्षक प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की वार्ता के बाद सहमति बनी, जिसमें शिक्षा मंत्री ने 1 जनवरी तक ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने और नए शैक्षणिक सत्र से पहले तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद शिक्षक नेताओं ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की, हालांकि स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि तय समय तक वादा पूरा नहीं हुआ तो 1 जनवरी से फिर आर-पार का आंदोलन शुरू किया जाएगा।



ग्रेड थर्ड टीचर्स संघर्ष समिति के संयोजक सुनील महला ने बताया कि शिक्षा मंत्री के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता सकारात्मक रही। सरकार ने आश्वासन दिया है कि 1 जनवरी तक ट्रांसफर पॉलिसी लागू कर दी जाएगी और नए सत्र से पहले सभी पात्र शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। यदि सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी तो शिक्षक एक बार फिर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे।

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ट्रांसफर पॉलिसी में मिले ये बड़े आश्वासन


शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षक प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी के तहत किए जाएंगे। नई नीति में शिक्षकों को अपनी पसंद का जिला और ब्लॉक चुनने का विकल्प मिलेगा, ताकि किसी प्रकार का भेदभाव न हो। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि दिव्यांग, विधवा, एकल महिला और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सितंबर में ग्रेड थर्ड शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए जिलों को पहले ही वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

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दो दिन तक चला आंदोलन


गौरतलब है कि तृतीय श्रेणी शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर से हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर जुटे थे। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी शामिल हुईं, जिनमें कई अपने छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठीं। शिक्षकों का कहना था कि कई लोग 15 से 20 वर्षों से अपने गृह जिलों से दूर कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उनके तबादले नहीं किए गए।



कुछ शिक्षक लिखित आश्वासन पर अड़े रहे


वार्ता के बाद भी आंदोलन स्थल पर कुछ शिक्षक सरकार के मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि जब तक सरकार लिखित आदेश या आधिकारिक वीडियो संदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि शिक्षक नेताओं की समझाइश के बाद अधिकांश शिक्षकों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जता दी।



क्या है पूरा मामला?


बता दें कि तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले कई वर्षों से तबादलों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2018 के बाद बड़े स्तर पर उनके स्थानांतरण नहीं हुए, जबकि अन्य संवर्गों के शिक्षकों के तबादले लगातार किए गए। शिक्षकों का आरोप है कि इससे हजारों शिक्षक वर्षों से अपने परिवारों से दूर रहने को मजबूर हैं।



इसी मांग को लेकर प्रदेशभर से शिक्षक जयपुर पहुंचे और शहीद स्मारक पर दो दिन तक धरना दिया। आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री से दो दौर की वार्ता हुई, जिसके बाद सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने का आश्वासन दिया और इसी के साथ आंदोलन समाप्त हो गया। हालांकि शिक्षक संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि 1 जनवरी तक सरकार ने वादा पूरा नहीं किया तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।