Jamtara: किसानों को खेती के लिए सहारा देने वाली किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना मिहिजाम में कथित तौर पर ऐसा खेल बन गई कि किसान आज तक लोन की रकम देखने को तरसते रहे, लेकिन बैंक के रिकॉर्ड में वे "कर्जदार" बन गए. हालात यह हैं कि जिन ग्रामीणों के खाते में एक रुपये तक नहीं पहुंचे, उनके घर अब हजारों रुपये का बकाया बताकर कुर्की-जब्ती का नोटिस पहुंच रहा है. इसे लेकर पूरे इलाके में भारी आक्रोश है.

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KCC योजना में फर्जीवाड़े के शिकार किसान

मामला मिहिजाम थाना क्षेत्र के उदलबनी पंचायत स्थित आसनचुआं गांव का है. गांव निवासी सुरेश प्रसाद महतो ने थाना में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में बैंक ऑफ इंडिया, मिहिजाम शाखा से KCC लोन दिलाने के नाम पर उनसे और आसपास के लगभग 25 ग्रामीणों से सभी आवश्यक दस्तावेज लिए गए. 

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आवेदन आसनचुआं के CSP संचालक विमल चन्द्र महतो और गोराईनाला के CSP संचालक त्रिलोचन मंडल के माध्यम से भरवाए गए थे. उस समय तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही सभी के खातों में लोन की राशि भेज दी जाएगी.

किसानों को न लोन मिला, न खाता नंबर की जानकारी दी गई, न ही कोई भुगतान हुआ. लेकिन कुछ वर्षों बाद अचानक बैंक के नोटिस आने लगे. किसी पर 56 हजार, किसी पर 60 हजार तो किसी पर 70 हजार रुपये का बकाया दर्शाया गया और चेतावनी दी गई कि राशि जमा नहीं करने पर संपत्ति की कुर्की-जब्ती की जाएगी.

किसानों का कहना है कि बैंक से पैसा निकला या नहीं, वह नहीं जानते है, बैंक का नोटिस आने के बाद किसान को कर्जदार बना दिया गया. किसानों का आरोप हैं कि यह केवल वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सरकारी योजनाओं में लीकेज है.

ग्रामीणों की शिकायत पर मिहिजाम थाना में कांड संख्या 51/26 में दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और 61(1) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है. नामजद आरोपियों में बैंक ऑफ इंडिया मिहिजाम शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, CSP संचालक विमल चन्द्र महतो तथा त्रिलोचन मंडल शामिल हैं. मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर गुलशन कुमार सिंह कर रहे हैं.

शिकायतकर्ता सुरेश प्रसाद महतो समेत अन्य पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जिन ग्रामीणों को बिना राशि मिले कर्जदार बना दिया गया है, उन्हें राहत दी जाए.

मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है. बैंक के दस्तावेजों, लोन रिकॉर्ड और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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