छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर कंज्यूमर कोर्ट ने रिलायंस जियो के स्लो नेटवर्क को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को यूजर को 14 हजार रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है।

.

दरअसल, कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे अभिनय पांडेय रिलायंस जियो के कस्टमर है। उनके गांव सलका में कई महीनों से जियो का नेटवर्क ठीक नहीं चल रहा था। बार-बार कॉल कट जाती थी, इंटरनेट बहुत स्लो चलता था।

इससे ऑनलाइन क्लास करने और उससे जुड़े नोट्स डाउनलोड करने में भी परेशानी होती थी। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी।

स्टूडेंट अभिनय पांडेय को 14 हजार रुपए मुआवजा देगी रिलायंस जियो।

स्टूडेंट अभिनय पांडेय को 14 हजार रुपए मुआवजा देगी रिलायंस जियो।

आश्वासन के 2 साल बाद भी नहीं सुधरा नेटवर्क

अभिनय पांडेय ने 21 सितंबर 2023 को जियो के अपील अधिकारी को ई-मेल के माध्यम से शिकायत की। कंपनी ने 22 सितंबर को ई-मेल के जवाब में नेटवर्क की समस्या को स्वीकार किया और 6 महीने में सुधार का आश्वासन दिया। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।

जियो ने दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने की दी सलाह

इसके बाद, पांडेय ने भारत सरकार के 'PG Portal' पर भी दो बार (अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026) शिकायतें दर्ज कराईं। पहली शिकायत में जियो ने ‘Optimal Coverage’ का दावा किया, जबकि दूसरी शिकायत में उसी स्थान पर ‘Limited Coverage’ होने की बात कहकर मामला बंद कर दिया।

कंपनी की ओर से बार-बार अलग-अलग जवाब मिलने और नेटवर्क सुधारने के बजाय नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने की सलाह दिए जाने से परेशान होकर अभिनय पांडेय ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।

'गांव में टावर नहीं, फिर भी कस्टमर ने रिचार्ज कराया'

जियो ने फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी लाभ कमाने के लिए काम करती है। कंपनी का तर्क था कि जहां निवेश से पर्याप्त फायदा मिलने की उम्मीद नहीं होती, वहां कोई भी सेवा देने वाली कंपनी निवेश करने से बचेगी।

कंपनी ने यह भी कहा कि गांव में जियो का अपना टावर नहीं है। साथ ही, उपभोक्ता लगातार रिचार्ज करा रहा था, इसलिए कंपनी के मुताबिक इससे माना जा सकता है कि वह जियो की सेवाओं से संतुष्ट था।

आयोग बोला- अच्छी सेवा देना कंपनी की जिम्मेदारी

आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय और सदस्य चूरामन दास ने जियो की इन दलीलों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह अपने ग्राहकों को अच्छी सेवा दे।

आयोग ने माना कि जियो अपने ग्राहक को बेहतर इंटरनेट सेवा देने में सफल नहीं रहा। नेटवर्क की समस्या दूर करने के बजाय ग्राहक को दूसरी कंपनी में नंबर पोर्ट कराने की सलाह देना भी सेवा में कमी को दर्शाता है। आयोग ने यह भी माना कि जियो ने निवेश से पर्याप्त फायदा नहीं मिलने की वजह से उस इलाके में नेटवर्क सुधारने पर ध्यान नहीं दिया।

मुआवजा नहीं दिया तो लगेगा ब्याज

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने 7 अक्टूबर 2026 को जियो को 10 हजार रुपए मुआवजा और 4 हजार रुपए केस लड़ने में हुआ खर्च देने का आदेश दिया।

कंपनी को यह रकम 60 दिनों के अंदर अभिनय पांडेय को देनी होगी। अगर जियो तय समय में रकम नहीं देता है तो 10 हजार रुपए के मुआवजे पर 9% सालाना ब्याज भी देना होगा।

………………..

इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें…

रायपुर में E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब: कंज्यूमर कोर्ट बोला- मारुति सुजुकी नई कार दे या 20 लाख लौटाए; देश का पहला मामला

कार में तकनीकी खराबी आने के बाद जांच की गई थी।

कार में तकनीकी खराबी आने के बाद जांच की गई थी।

देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुड़े मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाएं। पढ़ें पूरी खबर…