Published: Saturday, July 18, 2026, 20:19 [IST]
Jitan Ram Manjhi on God: केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर भगवान और पूजा-पाठ को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो सकती है। गया के अतरी स्थित अपने पुश्तैनी घर में पूर्वजों की प्रतिमाओं के अनावरण के दौरान मांझी ने कहा कि वह पूजा-पाठ नहीं करते क्योंकि भगवान को किसी ने देखा नहीं है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता ही असली भगवान हैं और इंसान को सबसे पहले उनका सम्मान करना चाहिए। मांझी ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय भी अपने माता-पिता के संघर्ष और आशीर्वाद को दिया।
'भगवान को देखा नहीं, इसलिए पूजा-पाठ नहीं करता'
जीतन राम मांझी ने साफ कहा कि वह भगवान में लोगों की आस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन खुद पूजा-पाठ नहीं करते। उनका कहना था कि भगवान को किसी ने देखा नहीं है, इसलिए दिखावे के लिए पूजा करना सही नहीं लगता। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करता और सिर्फ मंदिर जाकर पूजा करता है, तो उसका कोई मतलब नहीं है। इंसान को सबसे पहले अपने माता-पिता का आदर करना चाहिए।
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'माता-पिता ही असली भगवान हैं'
मांझी ने कहा कि उनके लिए माता-पिता ही साक्षात भगवान हैं। उन्होंने बताया कि गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनके माता-पिता ने मजदूरी करके उन्हें पढ़ाया-लिखाया। आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनके माता-पिता का संघर्ष और आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री बनने तक का सफर माता-पिता की मेहनत की वजह से संभव हुआ। इसलिए सबसे पहले माता-पिता की सेवा और सम्मान जरूरी है।
'बेकार है भगवान का नाम लेना, अगर माता-पिता का सम्मान नहीं'
अपने संबोधन में मांझी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति माता-पिता को प्रणाम नहीं करता और उनकी सेवा नहीं करता, तो सिर्फ भगवान का नाम जपने या पूजा करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि कई लोग दुनिया को दिखाने या मन की तसल्ली के लिए पूजा करते हैं, लेकिन असली पूजा माता-पिता की सेवा है। उनका मानना है कि जीवन में सबसे बड़ा धर्म अपने परिवार और माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी निभाना है।
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पूर्वजों की प्रतिमा के अनावरण पर हुए भावुक
यह बयान जीतन राम मांझी ने गया जिले के अतरी स्थित अपने पुश्तैनी घर में पूर्वजों की प्रतिमाओं के अनावरण के दौरान दिया। इस मौके पर वह भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने बचपन की मुश्किलों को याद करते हुए कहा कि उनके माता-पिता ने कठिन मेहनत कर उन्हें आगे बढ़ाया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन, हम पार्टी के नेता, विधायक, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
पहले भी आस्था और पूजा पर दे चुके हैं बयान
जीतन राम मांझी इससे पहले भी धर्म, आस्था और पूजा-पाठ को लेकर अपने अलग विचार खुलकर रखते रहे हैं। उनके बयान कई बार राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बने हैं। इस बार भी उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए माता-पिता से बड़ा कोई भगवान नहीं है। उनका मानना है कि इंसान अगर अपने माता-पिता का सम्मान करता है और उनकी सेवा करता है, तो वही सबसे बड़ी पूजा है। यही संदेश उन्होंने लोगों को देने की कोशिश की।