झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र सरकार से बातचीत को तैयार हो गए हैं। छात्रों ने बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की है। सीएम हेमंत सोरेन ने इसे राष्ट्रीय समस्या बताया है।

JPSC protest Jharkhand government talks

छात्रों और झारखंड सरकार के बीच बातचीत की तैयारी, रखी वीडियो रिकॉर्डिंग की शर्त

  • Published: 05 Aug 2026, 06:47 PM IST
  • Last Updated: 05 Aug 2026, 06:47 PM IST

JPSC protest: रांची में जेपीएससी (JPSC) पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र अब झारखंड सरकार के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि, इस बातचीत को लेकर छात्रों ने एक बड़ी शर्त रखी है और मांग की है कि सरकार के साथ होने वाली इस पूरी बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए।

यह ताजा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब सैकड़ों की संख्या में छात्र 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों की मुख्य मांग सीबीआई जांच कराने और रिक्रूटमेंट एजेंसियों में जरूरी सुधार करने की है।

— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026

सीएम हेमंत सोरेन बोले: पेपर लीक सिर्फ झारखंड नहीं बल्कि राष्ट्रीय समस्या
छात्रों के इस आंदोलन के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्र लीक होना केवल राज्य का नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय समस्या बन चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

यह प्रतिक्रिया तब आई जब राज्य में पीएससी और एसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ पांच और प्रदर्शनकारियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी और आंदोलन को और तेज कर दिया।

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि युवाओं की चिंताएं सरकार के लिए बेहद गंभीर विषय हैं। उन्होंने देश के कई राज्यों के युवाओं के लिए इसे एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।

जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं और दोषियों को लगातार जेल भेजा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल जांच करना भर नहीं है, बल्कि युवा साथियों को पूरी तरह से संतोषजनक समाधान देना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारखंड सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं। कोई भी छात्र या अभ्यर्थी अपनी मांगें और सुझाव सीधे राज्य सरकार के सामने रख सकता है।

दूसरी ओर, प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने आशंका जताई कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)-CGL पेपर लीक मामले की पिछली जांचों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्र ने अंदेशा जताया कि मौजूदा जांच को भी कुछ महीनों बाद लीपापोती करके दबाया जा सकता है।

14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और केंद्रीय जांच की मांग
आपको बता दें कि ये प्रदर्शनकारी छात्र 19 अप्रैल को आयोजित हुई 14वीं जेपीएससी संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, JPSC और JSSC द्वारा कराई गई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय एजेंसियों यानी सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई जा रही है।

इन तमाम मांगों के साथ, छात्र ओएमआर (OMR) शीट में 'नॉट अटेम्प्टेड' (Not Attempted) यानी पांचवां विकल्प जोड़े जाने की भी मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि दोनों एजेंसियों में फैले भ्रष्टाचार के कारण हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।