सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व, जानें व्रत के नियम, मंत्र, उपाय और किन चीजों से करना चाहिए परहेज
Kamika Ekadashi 2026
- Published: 08 Aug 2026, 09:43 AM IST
- Last Updated: 08 Aug 2026, 09:43 AM IST
Kamika Ekadashi 2026: सावन महीने की कामिका एकादशी इस बार 9 अगस्त 2026, रविवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। सावन के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। आइए जानते हैं कामिका एकादशी की तिथि, पूजा विधि, मंत्र और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय।
कब है कामिका एकादशी 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 अगस्त 2026 को दोपहर 1:59 बजे शुरू होगी और 9 अगस्त 2026 को सुबह 11:04 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 9 अगस्त को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहने के कारण इसी दिन कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
कामिका एकादशी का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं में कामिका एकादशी को भगवान विष्णु की उपासना के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से श्रीहरि का स्मरण और पूजा करने से नकारात्मक विचारों से दूर रहने तथा मानसिक शांति पाने में सहायता मिलती है।
कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि दोनों की आराधना से घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा
कामिका एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।
पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान का ध्यान करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें। पूजा के अंत में भगवान विष्णु की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
कामिका एकादशी पर इस मंत्र का करें जाप
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी क्षमता और समय के अनुसार 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप कर सकते हैं।
इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान के नाम का स्मरण मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कुछ धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं।
- भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
- जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।
- अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या आवश्यक सामान का दान करें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर दर्शन और पूजा करें।
- दिनभर भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए सात्विक विचार और व्यवहार रखें।
एकादशी व्रत में किन बातों का रखें ध्यान?
एकादशी व्रत में खान-पान के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार व्रत के दौरान चावल और अनाज का सेवन नहीं किया जाता। कई श्रद्धालु फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य क्षमता के अनुसार निर्जला व्रत रखते हैं।
व्रत के दौरान झूठ बोलने, किसी का अपमान करने या विवाद करने से बचना चाहिए। पूजा-पाठ के साथ मन को शांत और सकारात्मक रखना भी व्रत की परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है।
नोट: यहां दी गई पूजा विधि और उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परंपराओं और क्षेत्रों में व्रत के नियमों में अंतर हो सकता है।