बारिश में डूबी दिल्ली तो एक्शन में LG, 139 हॉटस्पॉट का होगा 'ग्राउंड टेस्ट'

बारिश के बाद जलभराव. (फाइल फोटो)Image Credit source: PTI

दिल्ली में बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने सख्त रुख अपनाया है. उनके निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली पुलिस के समन्वय से अपने अधिकार क्षेत्र के सभी चिन्हित जलभराव वाले स्थानों का मौके पर निरीक्षण कराने का फैसला किया है. शनिवार को PWD के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर खुद मैदान में उतरकर जलभराव वाले स्थानों की स्थिति का जायजा लेंगे.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 20 अगस्त 2026 तक हुई बारिश के दौरान 113 जलभराव वाले स्थानों की पहचान की थी. वहीं, 24 अगस्त को हुई बारिश के बाद 26 और स्थान जलभराव की चपेट में आए. इस तरह अब कुल 139 जलभराव वाले स्थानों की पहचान की जा चुकी है.

यह कार्रवाई 25 अगस्त को दिल्ली में जलभराव की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में उपराज्यपाल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है. निरीक्षण का मकसद बार-बार जलभराव वाले स्थानों के कारणों का पता लगाना और मानसून के बाकी समय में जलभराव को रोकने के लिए तत्काल उपाय करना है.

प्रधान सचिव से अधीक्षण अभियंता तक संभालेंगे मोर्चा

PWD के प्रधान सचिव को महरौली-बदरपुर रोड पर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है. विशेष सचिव MG रोड, ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और महिपालपुर बाईपास रोड का निरीक्षण करेंगे.

इंजीनियर-इन-चीफ उत्तरी क्षेत्र के चिन्हित स्थानों का जायजा लेंगे. इसमें खास तौर पर नांगलोई-नजफगढ़ रोड, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मॉडल टाउन और लाला जगत नारायण मार्ग शामिल हैं.

मुख्य अभियंताओं को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. इनमें पूर्वी क्षेत्र के न्यू रोहतक रोड और 100 फीट रोड, बुराड़ी, उत्तरी क्षेत्र के बलवीर सिंह सिद्धू मार्ग, प्रेमबाड़ी अंडरपास और पल्ला तथा दक्षिणी क्षेत्र के डाबरी नाला रोड, RTR मार्ग और नजफगढ़-कापसहेड़ा रोड शामिल हैं. इसके अलावा सभी अधीक्षण अभियंताओं को अपने क्षेत्र में चिन्हित हर जलभराव वाले स्थान का मौके पर जाकर निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है.

नालियों से लेकर पंपिंग सिस्टम तक होगी जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह जांच करेंगे कि जल निकासी की मौजूदा व्यवस्था किस स्थिति में है और पानी के आउटफॉल की स्थिति कैसी है. नालियों में गाद जमा होने, किसी तरह की रुकावट, पंपिंग व्यवस्था और पंपों के सुचारु संचालन की भी जांच होगी.

इसके अलावा अतिक्रमण या अन्य अवरोधों के साथ-साथ जलभराव के स्थानीय कारणों का भी पता लगाया जाएगा. अधिकारियों को ऐसे तत्काल और व्यावहारिक उपायों की पहचान करने को कहा गया है, जिन्हें उपलब्ध संसाधनों के भीतर तुरंत लागू किया जा सके.

31 अगस्त तक देनी होगी रिपोर्ट

निरीक्षण के बाद हर स्थान की स्थिति और वहां जलभराव के कारणों की स्थानवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसमें अतिरिक्त तत्काल उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान के सुझाव भी शामिल होंगे.

PWD के प्रधान सचिव को यह विस्तृत रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 तक सौंपनी होगी. इसके आधार पर जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

PWD ने पंप हाउस ऑपरेटरों, PTO पंप ऑपरेटरों और AE/JE को PWD के लोगो वाली जैकेट और रेनकोट उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए हैं. इसका उद्देश्य बारिश और जलभराव के दौरान मौके पर तैनात कर्मचारियों की पहचान सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की लापरवाही होने पर संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करना है.

25 अगस्त को हुई रिकॉर्ड बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई थी. अब शेष मानसून अवधि में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए PWD के अधिकारियों को इन निरीक्षणों को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

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जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

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