Published: Wednesday, September 23, 2026, 11:05 [IST]

लिक्विड डिजिटल इंडिया (Liqvd Digital India) का SME IPO आज, 23 सितंबर से निवेशकों की बोली के लिए खुल गया है। कंपनी ने इसके लिए ₹51 से ₹54 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO में 2,000 शेयरों का एक लॉट है, लेकिन निवेशकों को कम से कम दो लॉट (यानी 4,000 शेयर) के लिए आवेदन करना होगा। इसका मतलब है कि अपर बैंड पर न्यूनतम ₹2,16,000 का निवेश करना होगा। ₹39.01 करोड़ का यह इश्यू 25 सितंबर को बंद होगा और इसके शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

यह डिजिटल-फर्स्ट एजेंसी क्रिएटिव, मीडिया और मार्केटिंग टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है, जिसे एडलिफ्ट (AdLift) की परफॉर्मेंस मार्केटिंग क्षमताओं से मजबूती मिलती है। आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल एडलिफ्ट मार्केटिंग में बची हुई 23.21 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने, एक फुल-स्केल वीडियो कंटेंट हब बनाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में होगा। कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़ों में EBITDA और PAT (शुद्ध लाभ) में सुधार दिखा है, हालांकि क्लाइंट्स पर ज्यादा निर्भरता और कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव जैसे पहलुओं पर नजर रखना जरूरी है।

Liqvd Digital India SME IPO: Price Band, Lot Size, and Investment Analysis for 2026
विवरणजानकारी
प्राइस बैंड₹51–₹54 प्रति शेयर
न्यूनतम आवेदन2 लॉट = 4,000 शेयर (अपर बैंड पर ₹2,16,000)
आईपीओ की अवधि23–25 सितंबर, 2026
अलॉटमेंट / रिफंड / लिस्टिंग28 सितंबर / 29 सितंबर / 30 सितंबर, 2026
एक्सचेंजBSE SME

UPI और ASBA के जरिए बोली लगाने वाले निवेशकों ध्यान रखें कि आईपीओ के आखिरी दिन, यानी बुधवार 25 सितंबर को शाम 5:00 बजे मैंडेट अप्रूवल का कट-ऑफ टाइम है। इसलिए डेडलाइन से पहले ही UPI रिक्वेस्ट को अप्रूव कर दें और बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। कट-ऑफ टाइम तक ही आवेदन में संशोधन की अनुमति होगी। अलॉटमेंट फाइनल होने (सोमवार, 28 सितंबर) तक आपके बैंक खाते में रकम ब्लॉक रहेगी।

SME IPO का वैल्यूएशन और रिस्क: क्या ध्यान रखें?

इकोनॉमिक टाइम्स के आंकड़ों के मुताबिक, ₹54 के ऊपरी प्राइस बैंड पर यह शेयर वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित ₹2.78 EPS (प्रति शेयर कमाई) के आधार पर लगभग 19 के पी/ई (P/E) मल्टीपल पर आता है। एफल (Affle) और वर्टोज़ (Vertoz) जैसी एड-टेक कंपनियां अलग बिजनेस मॉडल और वैल्यूएशन पर काम करती हैं, इसलिए उनसे सीधी तुलना करना सही नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी के बकाए (रिसीवेबल्स), सीमित क्लाइंट बेस, SME सेगमेंट की कम लिक्विडिटी और लिस्टिंग के बाद लॉट में ट्रेडिंग से जुड़ी पाबंदियों पर गौर करना चाहिए। किसी भी शॉर्ट-टर्म गेन को अनिश्चित मानकर ही जोखिम का सही आकलन करें।

पहली बार SME IPO में निवेश करने वालों के लिए दो-लॉट का न्यूनतम निवेश और बाजार की कम लिक्विडिटी असली परीक्षा हो सकती है। इसमें तभी आवेदन करें जब आपका पोर्टफोलियो हाई-रिस्क कैटेगरी की इजाजत देता हो और आप उतार-चढ़ाव के बीच बने रह सकें। 28 सितंबर को अलॉटमेंट स्टेटस, 29 सितंबर को शेयर क्रेडिट या रिफंड और 30 सितंबर को शेयर बाजार में इसकी एंट्री पर नजर रखें। निवेश का फैसला लेने से पहले RHP (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स जरूर पढ़ लें।

Story first published: Wednesday, September 23, 2026, 11:05 [IST]

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