पढ़ाई भी, कमाई भी! LLB के साथ Blinkit में पार्ट टाइम जॉब, पहले दिन 19 डिलीवरी के बाद स्टूडेंट ने बताई अपनी कमाई

लॉ स्टूडेंट ने पढ़ाई के साथ ढूंढा कमाई का जरिया Image Credit source: AI

पढ़ाई के साथ अपने खर्चे निकालना आसान नहीं होता. खासकर तब, जब कॉलेज की फीस और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए परिवार पर निर्भर रहने के बजाय खुद कमाने का फैसला किया जाए. ऐसे ही एक लॉ स्टूडेंट ने अपनी पढ़ाई के साथ कमाई करने के लिए Blinkit में पार्ट टाइम डिलीवरी का काम शुरू किया. पहले ही दिन उसने करीब साढ़े छह घंटे काम किया और 19 ऑर्डर डिलीवर किए. इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव के साथ यह भी बताया कि आखिर एक दिन की मेहनत से उसकी कितनी कमाई हुई.

X पर Kaval Desai नाम के यूजर ने अपनी पहली शिफ्ट की जानकारी शेयर की. उन्होंने बताया कि वह LLB की पढ़ाई कर रहे हैं और अपने कुछ खर्चे खुद उठाने के लिए डिलीवरी का काम कर रहे हैं. उनके लिए यह नौकरी फुल टाइम करियर नहीं, बल्कि पढ़ाई के साथ पैसे कमाने का एक तरीका है.

डिलीवरी करके खर्च निकाल रहा लॉ स्टूडेंट

Kaval Desai के मुताबिक, उन्होंने पहले दिन करीब 6 घंटे 30 मिनट तक काम किया. इस दौरान उन्होंने कुल 19 ऑर्डर ग्राहकों तक पहुंचाए. इन डिलीवरी के लिए उन्हें लगभग 51 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा. हालांकि, इस दूरी में ऑर्डर देने के बाद वापस लौटने के दौरान तय की गई दूरी शामिल नहीं थी. कमाई की बात करें तो उन्हें डिलीवरी के बदले 508 रुपये मिले. इसमें 75 रुपये का इंसेंटिव भी शामिल था. इसके अलावा, एक तय टारगेट पूरा करने पर उन्हें 100 रुपये का बोनस मिला. इस तरह उनकी पहले दिन की कुल कमाई 608 रुपये रही.

इस काम में उनके लिए एक अच्छी बात यह रही कि उनके पास पहले से Ather इलेक्ट्रिक स्कूटर था. वह अपने घर पर ही स्कूटर चार्ज कर लेते हैं, इसलिए उन्हें शिफ्ट के दौरान चार्जिंग पर अलग से पैसे खर्च नहीं करने पड़े. इससे उनकी कमाई का कुछ हिस्सा बचाने में मदद मिली. हालांकि, लगातार डिलीवरी करने के बाद उन्होंने काम रोकने का फैसला किया. इसकी दो वजह थीं. एक तो उन्हें वापस जाकर अपनी पढ़ाई करनी थी और दूसरी तरफ स्कूटर की बैटरी भी कम हो रही थी. उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ Blinkit का डिलीवरी बैग और कमाई का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया.

Desai ने प्लेटफॉर्म की आसान और सिस्टेमैटिक प्रोसेस की तारीफ करते हुए बताया कि इस तरह का काम पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए सुविधाजनक हो सकता है. उनकी पोस्ट के बाद लोगों ने गिग वर्क यानी जरूरत के हिसाब से किए जाने वाले कामों को लेकर अपनी राय रखी. एक यूजर ने कहा कि डिलीवरी जैसी नौकरियों का मकसद पार्ट टाइम कमाई का मौका देना था, लेकिन भारत में कई बार लोगों को इसे फुल टाइम पेशे के तौर पर अपनाना पड़ता है. वहीं, एक दूसरे यूजर ने अपना एक्सपीरियंस बताते हुए कहा कि वह Uber बाइक राइडर और Swiggy डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम कर चुका है. इसके बावजूद वह LLB में एडमिशन लेने के लिए जरूरी फीस का इंतजाम नहीं कर पाया.

यहां देखिए पोस्ट

This is a part time gig I am doing for some obvious reasons. Im pursing LLB as my primary profession. Along side working to support some obvious expenses incurred.

Day 1 ended on a good note.

Ended up delivering 19 orders in ~ 6:30 hours.

Did around ~51 kms just for the order delivery (return kms not counted).

Earned : ₹508 (₹75 incentive included) and ₹100 as bonus for achieving target.

Cost – ₹0 (I own Ather EV and charging costed me ₹0 home charging still 0)

Had to end the gig due to commitment to studies and at the same time battery was about to die.

@letsblinkit @deepigoyal @albinder You guys really made Blinkit a boon for people like me. Its just so efficient to work with it and its smooth too.

— Kaval Desai (@thecurious_12) October 13, 2026

आयुष कुमार

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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